मोदी सरकार के 12 वर्षों में विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित हुए : राजेश शुक्ला
विकसित भारत-2047 की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है देश : राजेश शुक्ला
मोदी के नेतृत्व में भारत बना दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था : राजेश शुक्ला
धामी सरकार ने निवेश और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई दी : राजेश शुक्ला
उत्तराखंड को एसडीजी सूचकांक में प्रथम स्थान मिलना बड़ी उपलब्धि : राजेश शुक्ला
यूसीसी और नकल विरोधी कानून से सुशासन को मिली मजबूती : राजेश शुक्ला
मोदी सरकार के 12 वर्ष विकास, विश्वास और जनकल्याण के नाम : राजेश शुक्ला
निवेश, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में उत्तराखंड बना मॉडल राज्य : राजेश शुक्ला
किच्छा। भाजपा कार्यालय किच्छा में आयोजित प्रबुद्ध जन सम्मेलन में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर समाज के प्रबुद्ध वर्ग से संवाद किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, विश्वास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित किए हैं तथा देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी पहली तिमाही के आर्थिक आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि भारत विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। साथ ही जीएसटी दरों में कमी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने निवेश और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों में से लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने बताया कि मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी, स्टार्टअप नीति, एमएसएमई नीति तथा सिंगल विंडो सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं से औद्योगिक विकास को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-दो उत्पाद’, ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’ तथा ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसी योजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इसी का परिणाम है कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
शुक्ला ने कहा कि धामी सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), प्रभावी नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और लैंड जिहाद के विरुद्ध कठोर कदम उठाए हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘‘स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात कर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
सम्मेलन को शरद यादव, प्रमोद ठुकराल, हरविंद्र चुग और अमित श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में अनिल गोयल, राजेश अरोड़ा, किशन गोयल, आशीष जैन, अनूप मिगलानी, प्रदीप पुजारा, दिव्यांश लूथरा, आशीष तिवारी, महेंद्र पाल, सुनील सिंह, राज वर्मा, वीरेंद्र कुमार, गोल्डी गोराया, मयंक तिवारी, हारून मलिक, मनमोहन सक्सेना, मन्नू पाल, सैयद इफ्तार मियां, नीरज खुग्गर, मुरारी लाल, जितेंद्र गौतम, अमर खान, नन्हे खान, पूरन भट्ट, सुरेंद्र चौधरी, श्याम सुंदर बिष्ट, मुकेश कोली, प्रकाश पंत, देवेंद्र शर्मा, चंदन जायसवाल, मानवेंद्र सिंह, अमरनाथ कश्यप, कुलदीप बग्गा, भावना गुप्ता, सुनीता सिंह, ज्योति जड़िया, दया दसीला, टीकम कोरंगा, सुशील कुमार, विशाल गंगवार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।







