रसायनिक खाद का सीमित और जैविक खाद का अधिक उपयोग करें किसान : शिवराज सिंह चौहान
रुद्रपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश की कृषि भूमि को लंबे समय तक उपजाऊ बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों का सीमित तथा जैविक खाद का अधिकतम उपयोग करना होगा। उन्होंने किसानों से खेती की भूमि को बचाने के लिए जैविक खेती अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
शुक्रवार को गांधी पार्क में आयोजित “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ कृषि और आध्यात्मिक दृष्टि से भी समृद्ध प्रदेश है। उन्होंने कहा कि भारत आज चावल निर्यात में चीन को पीछे छोड़कर दुनिया में अग्रणी बन चुका है, जबकि कभी गेहूं आयात करने वाला देश आज कई देशों को गेहूं निर्यात कर रहा है। इसका श्रेय देश के मेहनतकश किसानों को जाता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के चावल की खुशबू आज विश्वभर में पहचान बना रही है। जलवायु परिवर्तन और कम वर्षा की चुनौती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। स्वयं किसान परिवार से होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की सेवा ही उनके लिए भगवान की पूजा के समान है।
श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि और बागवानी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण फलदार पौधे उपलब्ध कराने के लिए मुक्तेश्वर में 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जा रहा है। साथ ही फलों की नर्सरी विकसित करने पर अनुदान भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कीवी की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा क्योंकि इस फसल को जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के लिए पेंशन योजना सहित अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ करोड़ों किसान उठा रहे हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे खेती में रासायनिक खाद का उपयोग कम कर जैविक खाद को प्राथमिकता दें, ताकि भूमि की उर्वरता बनी रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि “खेत बचाओ अभियान” गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान का जीवन किसानों की सेवा के लिए समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के साथ धान की रोपाई कर कृषि के प्रति प्रेरणादायी संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ पारंपरिक खेती को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने गोबर की खाद के अधिक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत घटेगी और मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के करीब नौ लाख किसानों को किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं का लाभ मिल रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है, तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज मुक्त सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है तथा कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। फल एवं सब्जी उत्पादन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
कार्यक्रम को प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर विकास शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।







