डिवाइडर बंद होने की आशंका हुई सच, सड़क पार करते समय महिला की मौत
समाजसेवी ने कट खोलने व यातायात व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग
सुशील गाबा ने कहा—समय रहते कदम उठते तो टल सकता था हादसा
हादसे के बाद सुशील गाबा पहुंचे परिजनों के बीच, सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने पर जोर
सुशील गाबा ने कहा—सुरक्षित आवागमन के लिए बंद कट खोलना जरूरी
रुद्रपुर। नैनीताल रोड स्थित एसजीएडी कॉम्प्लेक्स के सामने लंबे समय से जताई जा रही आशंका आखिरकार सच साबित हो गई। सड़क पार करते समय एक महिला की जेसीबी की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद छह वर्षीय पुत्री बाल-बाल बच गई। हादसे के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार मूल रूप से भिकियासैंण और वर्तमान में रविन्द्रनगर निवासी 29 वर्षीय विमला सिडकुल की एक कंपनी में कार्यरत थीं। मंगलवार देर रात वह अपनी छह वर्षीय पुत्री के साथ नैनीताल रोड पार कर रही थीं। इसी दौरान वह एक जेसीबी की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्ची की आंखों के सामने ही विमला ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। हादसे में बच्ची सुरक्षित बच गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब चार वर्ष पूर्व यहां डिवाइडर बनाकर लंबे समय से संचालित यातायात मार्ग को बंद कर दिया गया था। वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में लोग आज भी जान जोखिम में डालकर डिवाइडर पार कर सड़क के दूसरी ओर जाने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस समस्या की ओर जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों का ध्यान कई बार दिलाया गया, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
बुधवार को समाजसेवी सुशील गाबा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए एसजीएडी कॉम्प्लेक्स के सामने बंद किए गए कट को दोबारा खोलने, जेब्रा क्रॉसिंग बनाने, स्थायी ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करने अथवा यातायात पुलिस की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए जाने की आवश्यकता भी जताई।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित व्यवस्थाएं की गई होतीं तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। क्षेत्रवासियों ने भी प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।







