*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय सम्मान (अवार्ड) पाने वाले भारतीय नेता हैं।*
* *’वैश्विक लीडरशिप का नया कीर्तिमान’* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के 34 से अधिक देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जाना भारत की उस नई वैश्विक चेतना, कूटनीतिक सफलता और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का स्वर्णिम उद्घोष है।
*सेशेल्स ने PM मोदी को सबसे बड़े सम्मान ‘गॉर्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से नवाजा, एक और इतिहास रचने को तैयार*
*वैश्विक नेतृत्व की नई पहचान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 34 देशों के सर्वोच्च सम्मान*
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक 34 देशों के सर्वोच्च या प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है, जिससे वे दुनिया के सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाले नेताओं में शामिल हो गए हैं।
• उन्हें पहला विदेशी सम्मान 2016 में सऊदी अरब के ‘ऑर्डर ऑफ किंग अब्दुलअज़ीज़’ से मिला था।
• वर्ष 2026 में सेशेल्स ने उन्हें ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान प्रदान किया, जो उनका अब तक का 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
• पिछले एक दशक में एशिया, यूरोप, अफ्रीका, मध्य-पूर्व, कैरेबियन और प्रशांत क्षेत्र के अनेक देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा है।
• अमेरिका, फ्रांस, रूस, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, मिस्र, ग्रीस, भूटान, मॉरीशस, श्रीलंका, ब्राज़ील, घाना, नॉर्वे, स्वीडन, इज़राइल, ओमान, फिजी, पापुआ न्यू गिनी, नाइजीरिया सहित कई देशों ने भारत के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान को सम्मानित किया है।
• ये सम्मान केवल प्रधानमंत्री मोदी के लिए नहीं, बल्कि विश्व मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और कूटनीतिक प्रभाव का प्रतीक माने जाते हैं।
• प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने G20 की अध्यक्षता, ग्लोबल साउथ की आवाज, इंटरनेशनल सोलर एलायंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मिशन LiFE, आतंकवाद विरोधी सहयोग, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर अग्रणी भूमिका निभाई है।
• भारत ने विकसित और विकासशील देशों के बीच एक भरोसेमंद सेतु के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है।
• आज भारत दुनिया की प्रमुख शक्तियों के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, इंडो-पैसिफिक और छोटे द्वीपीय देशों के साथ भी अपने संबंधों का लगातार विस्तार कर रहा है।
• लगातार मिल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मान इस बात का संकेत हैं कि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक नीति निर्माण, कूटनीति और रणनीतिक नेतृत्व में निर्णायक भूमिका निभाने वाली शक्ति बनकर उभरा है।
*21वीं सदी में भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता, मजबूत विदेश नीति और व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग ने देश को ‘विश्वसनीय साझेदार’ और ‘वैश्विक नेतृत्वकर्ता’ के रूप में स्थापित किया है।*







