*बिहार में सियासी हलचल तेज, बैठकों से बढ़े बड़े उलटफेर के कयास*
पटना/नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बैठकों का दौर तेज होने के साथ ही बड़े सियासी उलटफेर की अटकलें जोर पकड़ने लगी हैं। बुधवार को दिल्ली से लेकर पटना तक राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी रहीं। जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने दिल्ली में अपने सांसदों के साथ बैठक कर राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की। वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर मंथन किया।
इधर, शाम होते-होते पटना में भी सियासी हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद भाजपा खेमे में गतिविधियां बढ़ गईं। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने एनडीए के अन्य घटक दलों के मंत्रियों को अलग रखते हुए केवल भाजपा कोटे के मंत्रियों के साथ अपने आवास पर बंद कमरे में बैठक की।
बैठक को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, गोपनीय तरीके से हुई इस बैठक के बाद भाजपा कोटे के मंत्रियों का पिछले दरवाजे से बाहर निकलना चर्चा का विषय बन गया। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
एक ही दिन में जदयू, राजद और भाजपा नेताओं की अहम बैठकों ने बिहार के सियासी माहौल को गरमा दिया है। हालांकि, बैठकों में क्या रणनीति बनी और क्या कोई बड़ा राजनीतिक फैसला होने वाला है, इसे लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है। आने वाले दिनों में इन गतिविधियों के राजनीतिक मायने और स्पष्ट होने की उम्मीद है।










