*लोकसभा में पेपर लीक रोकथाम संशोधन विधेयक-2026 पेश, 10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान*
नई दिल्ली। परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित परीक्षा धांधली पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा कार्मिक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के हंगामे के बीच यह विधेयक सदन में प्रस्तुत किया।
विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी संगठित अनियमितताओं के दोषियों के लिए 10 वर्ष तक के कारावास, ₹10 करोड़ तक के जुर्माने, संपत्ति जब्ती, विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों, समयबद्ध जांच और शीघ्र सुनवाई जैसे कड़े प्रावधान किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं के मामलों से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण और दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन प्रस्तावित किया गया है।
संशोधन विधेयक के अनुसार सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस कानून के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालय अधिसूचित करने का अधिकार होगा। इन अदालतों में मामलों की दैनिक आधार पर सुनवाई होगी तथा आरोपपत्र दाखिल होने के तीन माह के भीतर मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा उच्च न्यायालय में दायर अपीलों के भी तीन माह के भीतर निपटारे का प्रावधान किया गया है।
विधेयक में केंद्र सरकार को आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मामले की जांच के लिए विशेष कार्यबल (स्पेशल टास्क फोर्स) गठित करने का अधिकार भी दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।







