*विश्वकर्मा मार्केट के पुनर्वास की कवायद तेज, इसी सप्ताह आवंटित होगी भूमि* *महापौर ने व्यापारियों व निगम अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का किया निरीक्षण, सड़क-नाली समेत स्मार्ट शौचालय बनाएगा नगर निगम*

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*विश्वकर्मा मार्केट के पुनर्वास की कवायद तेज, इसी सप्ताह आवंटित होगी भूमि*

*महापौर ने व्यापारियों व निगम अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का किया निरीक्षण, सड़क-नाली समेत स्मार्ट शौचालय बनाएगा नगर निगम*

रुद्रपुर। निर्माणाधीन बस टर्मिनल की जद में आने के कारण हटाई गई विश्वकर्मा मार्केट के प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास की कवायद तेज हो गई है। जेपीएस स्कूल और कल्याणी नदी के मध्य चिन्हित स्थल पर नई विश्वकर्मा मार्केट विकसित करने की प्रक्रिया नगर निगम ने आगे बढ़ा दी है। सोमवार को महापौर विकास शर्मा ने नगर निगम अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रभावित व्यापारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान नई मार्केट के नक्शे, दुकानों के आकार, भूमि आवंटन और आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि आवंटन से संबंधित सभी औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं, ताकि प्रभावित व्यापारी जल्द से जल्द अपना कारोबार दोबारा शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि इसी सप्ताह पात्र व्यापारियों को दुकानों के लिए भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद भूमि पूजन कर नई विश्वकर्मा मार्केट के निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा।

बता दें कि किच्छा बाईपास रोड पर निर्माणाधीन बस टर्मिनल की जद में आने के कारण प्रशासन ने पिछले दिनों विश्वकर्मा मार्केट को हटा दिया था। इससे वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। उस दौरान महापौर विकास शर्मा ने प्रभावित व्यापारियों को आश्वासन दिया था कि विकास कार्यों के कारण किसी भी पात्र दुकानदार को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा और उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।

इसी क्रम में जेपीएस स्कूल और कल्याणी नदी के मध्य खाली स्थान पर नई मार्केट विकसित करने की योजना बनाई गई। सोमवार को महापौर ने व्यापारियों और नगर निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर प्रस्तावित मार्केट की रूपरेखा पर मंथन किया और अधिकारियों को पुनर्वास प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न करने के निर्देश दिए।

महापौर विकास शर्मा ने बताया कि प्रारंभ में नगर निगम की ओर से वेंडिंग जोन की तर्ज पर दुकानों का निर्माण कर प्रभावित व्यापारियों को देने की योजना थी। हालांकि व्यापारियों ने अपने व्यवसाय की जरूरतों के अनुसार स्वयं दुकान निर्माण की अनुमति देने का अनुरोध किया। व्यापारियों की मांग को देखते हुए अब नगर निगम तैयार दुकानें देने के बजाय निर्धारित आकार की भूमि आवंटित करेगा।

उन्होंने बताया कि व्यापारी आवंटित भूमि पर नगर निगम द्वारा स्वीकृत नक्शे और निर्धारित मानकों के अनुरूप अपनी दुकान का निर्माण स्वयं करा सकेंगे। इससे अलग-अलग व्यवसाय करने वाले दुकानदार अपनी आवश्यकताओं के अनुसार दुकान तैयार कर सकेंगे। हालांकि पूरी मार्केट को सुव्यवस्थित और एकरूप स्वरूप देने के लिए निर्माण निर्धारित नक्शे के अनुरूप ही किया जाएगा।

महापौर के अनुसार प्रस्तावित मार्केट में फिलहाल करीब 25 से 26 दुकानों के लिए स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। आवंटन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन्हीं दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनका विवरण नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज है और जो नियमित रूप से निगम को टैक्स देते रहे हैं। एक परिवार से केवल एक ही पात्र व्यक्ति को दुकान के लिए स्थान दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक वास्तविक प्रभावित कारोबारियों का पुनर्वास किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सत्यापन के बाद यदि स्थान की कमी के कारण कोई पात्र दुकानदार छूट जाता है तो उसके लिए अन्य स्थान पर व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।

सड़क, नाली, रिटेनिंग वॉल और स्मार्ट शौचालय बनेगा

नई विश्वकर्मा मार्केट को केवल दुकानों के समूह के रूप में नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित व्यावसायिक परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। महापौर ने बताया कि मार्केट का पूरा नक्शा तैयार कराया जाएगा। नगर निगम की ओर से यहां सड़क और नाली निर्माण के साथ आवश्यक स्थानों पर रिटेनिंग वॉल बनाई जाएगी। व्यापारियों और ग्राहकों की सुविधा के लिए स्मार्ट शौचालय का निर्माण भी कराया जाएगा।

इसके अलावा बिजली कनेक्शन सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए भी नगर निगम स्तर से हरसंभव सहयोग किया जाएगा। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मार्केट विकसित करते समय भविष्य की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।

महापौर ने बताया कि भूमि आवंटन से संबंधित कागजी कार्रवाई मंगलवार तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र दुकानदारों को आवंटन पत्र जारी किए जाएंगे और निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण की अनुमति दी जाएगी। प्रयास है कि जल्द भूमि पूजन कर व्यापारी अपनी दुकानें बनाना शुरू कर सकें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और जनहित को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। विकास कार्य शहर के भविष्य के लिए आवश्यक हैं, लेकिन इनके कारण यदि किसी का रोजगार प्रभावित होता है तो उसके पुनर्वास की जिम्मेदारी से भी मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।

महापौर ने कहा कि पूर्व में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रभावित पात्र कारोबारियों को वेंडिंग जोन के माध्यम से पुनर्वासित किया गया था। उसी नीति को आगे बढ़ाते हुए अब विश्वकर्मा मार्केट के प्रभावित दुकानदारों के लिए नई मार्केट विकसित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की स्पष्ट सोच है कि विकास की कीमत किसी गरीब या छोटे कारोबारी की रोजी-रोटी नहीं होनी चाहिए। शहर में विकास कार्यों को गति देने के साथ प्रभावित पात्र लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। विश्वकर्मा मार्केट के व्यापारियों से किया गया वादा अब धरातल पर उतारा जा रहा है।

महापौर ने बताया कि काशीपुर बाईपास के चौड़ीकरण की जद में आने वाले कारोबारियों के पुनर्वास के लिए भी नए कॉम्प्लेक्स में स्थान देने की दिशा में तैयारी की जा रही है।

आने वाली योजनाएं बदलेंगी रुद्रपुर की तस्वीर

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम शहर की मूलभूत आवश्यकताओं, जनभावनाओं और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम कर रहा है। रुद्रपुर को सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाने के लिए लगातार योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सहयोग से हाल के दिनों में रुद्रपुर के लिए कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को स्वीकृति मिली है। आने वाले समय में इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से शहर के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव दिखाई देगा।

महापौर ने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि ऐसा रुद्रपुर बनाना है जहां विकास के साथ व्यापार, रोजगार और आम नागरिकों के हित भी सुरक्षित रहें। विश्वकर्मा मार्केट का पुनर्वास इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


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