साइबर ठगी पीड़ितों को बड़ी राहत, गृह मंत्रालय ने शुरू किया ‘मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल’ पोर्टल
फ्रीज धनराशि वापसी की प्रक्रिया हुई आसान, गृह मंत्रालय का MRM पोर्टल शुरू : अजय गणपति
1930 पर समय से शिकायत करें, होल्ड रकम वापस पाने का सुनहरा अवसर : अजय गणपति
MRM पोर्टल से रिफंड प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी : अजय गणपति
NCRP के तहत शुरू हुआ मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल, पीड़ितों को मिलेगी राहत : अजय गणपति
तीन श्रेणियों में होगी रिफंड प्रक्रिया, पात्र मामलों में जल्द मिलेगा पैसा : अजय गणपति
साइबर वित्तीय अपराध के खिलाफ बड़ा कदम, MRM पोर्टल बना पीड़ितों का सहारा : अजय गणपति
रुद्रपुर। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के अंतर्गत ‘मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM)’ पोर्टल शुरू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत साइबर ठगी के शिकार लोग अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी होल्ड (फ्रीज) कराई गई धनराशि वापस पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर ने बताया कि पोर्टल के माध्यम से रिफंड प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है। इससे पीड़ितों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पात्र मामलों में धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में वापस भेजी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं पीड़ितों को मिलेगा, जिन्होंने साइबर ठगी की शिकायत समय रहते 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर दर्ज कराई हो तथा 14 अंकों का रजिस्टर्ड एक्नॉलेजमेंट नंबर प्राप्त किया हो। साथ ही, शिकायत के आधार पर अपराधियों के बैंक खातों में संबंधित धनराशि होल्ड कराई गई हो।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि यह पोर्टल केवल उन मामलों में लागू होगा, जिनमें धनराशि अपराधियों के खातों में फ्रीज की गई है। यदि रकम पहले ही निकाली जा चुकी है तो ऐसे मामलों में इस पोर्टल के माध्यम से रिफंड संभव नहीं होगा।
तीन श्रेणियों में होगी रिफंड प्रक्रिया
पोर्टल पर रिफंड के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। एक ही बैंक खाते में 50 हजार रुपये तक की होल्ड राशि होने पर एफआईआर या न्यायालय के आदेश की आवश्यकता नहीं होगी तथा पुलिस आख्या और इंडेम्निटी बॉन्ड के आधार पर सीधे रिफंड किया जाएगा।
इसी प्रकार, यदि कुल राशि 50 हजार रुपये से अधिक है लेकिन अलग-अलग खातों में प्रत्येक खाते में 50 हजार रुपये से कम राशि होल्ड है, तो भी एफआईआर अथवा कोर्ट आदेश की आवश्यकता नहीं होगी।
वहीं, किसी एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक की होल्ड राशि होने पर एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य होगा। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया भी इसी पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी।
पांच चरणों में करें आवेदन
पीड़ितों को सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल mrm-ncrp.mha.gov.in पर जाकर अपनी 14 अंकों की शिकायत संख्या दर्ज करनी होगी। इसके बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर संबंधित होल्ड राशि की जानकारी देखी जा सकेगी।
रिफंड के लिए आवेदक को अपना बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड अपलोड करना होगा। घोषणा पत्र स्वीकार करने के बाद आवेदन सबमिट करने पर एक यूनिक रिक्वेस्ट आईडी प्राप्त होगी, जिसके माध्यम से आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।
बिचौलियों से रहें सावधान
एसएसपी ने आमजन से अपील की है कि रिफंड प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी बिचौलिए या दलाल के झांसे में न आएं और रिफंड के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति को धनराशि न दें। किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में पोर्टल पर उपलब्ध यूजर मैनुअल की सहायता ली जा सकती है अथवा निकटतम थाना या साइबर सेल से निःशुल्क मदद प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि साइबर वित्तीय अपराध का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को होल्ड कराया जा सके और उसे वापस दिलाने की कार्रवाई की जा सके।







