*महापौर ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल महिला कांस्टेबल का जाना हाल*
*कांग्रेस पर साधा निशाना, बोले—विरोध का अधिकार सभी को, लेकिन अराजकता और पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं*
रुद्रपुर। मंगलवार को एसएसपी कार्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान घायल हुई महिला कांस्टेबल रेखा टम्टा का हाल जानने बुधवार को महापौर विकास शर्मा जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने उपचाराधीन महिला कांस्टेबल से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। महापौर ने चिकित्सकों से भी उनके स्वास्थ्य और उपचार के संबंध में जानकारी ली।
मीडिया से बातचीत में महापौर विकास शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल को विरोध और प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में सरकारी कार्य में बाधा डालना, पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की करना और अराजकता फैलाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राजनीतिक विरोध के नाम पर लगातार मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं। महापौर ने कहा कि कुछ दिन पूर्व हल्द्वानी में भी एसएसपी कार्यालय पर हंगामा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के प्रति अमर्यादित भाषा के प्रयोग का मामला सामने आया था। अब रुद्रपुर में एसआईआर की बैठक के दौरान हंगामे के बाद कार्रवाई किए जाने के विरोध में एसएसपी कार्यालय पर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया।
महापौर ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी कीचड़ में गिर गए, जबकि महिला कांस्टेबल रेखा टम्टा घायल हो गईं। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान उनके साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है।
उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीतिक प्रदर्शन की कीमत ड्यूटी पर तैनात निर्दोष पुलिसकर्मियों को क्यों चुकानी पड़े। वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि नहीं, बल्कि कानून और जनता की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाता है। राजनीतिक मतभेदों का गुस्सा पुलिसकर्मियों पर निकालना दुर्भाग्यपूर्ण है।
महापौर ने एसएसपी से प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसकी भी मर्यादा होती है। संवाद, संयम और शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र की ताकत हैं। हिंसक व्यवहार और सरकारी व्यवस्था में बाधा डालने से लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने कांग्रेस से जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक राजनीति की जानी चाहिए। केवल टकराव और हंगामे की राजनीति से किसी का भला नहीं होने वाला। उन्होंने घायल महिला कांस्टेबल के शीघ्र स्वस्थ होकर ड्यूटी पर लौटने की कामना की।
इस दौरान सिडकुल चौकी प्रभारी हेमंत कठैत, जिला मीडिया संयोजक विजय तोमर, पार्षद पवन राणा, बीनू, चंद्र सेन चंदा, अभिषेक तिवारी, राम सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।











