*डबल वोट की आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग, विधायक बेहड़ ने एडीएम से की मुलाकात*

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*डबल वोट की आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग, विधायक बेहड़ ने एडीएम से की मुलाकात*

रुद्रपुर/किच्छा। किच्छा विधानसभा क्षेत्र में डबल वोट के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के खिलाफ लगाई गई आपत्तियों को लेकर विधायक तिलक राज बेहड़ ने शनिवार को रुद्रपुर स्थित एडीएम कार्यालय पहुंचकर एडीएम कौस्तुभ मिश्रा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से प्राप्त मतदाता सूचियों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर कई मामलों के साक्ष्य अधिकारियों के समक्ष रखे।

विधायक बेहड़ ने कहा कि केवल नाम और पिता के नाम की समानता के आधार पर किसी मतदाता को डबल वोटर मानना उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे कई उदाहरण दिखाए, जिनमें समान नाम और पिता का नाम होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति अलग-अलग हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले विभिन्न समुदायों के लोगों से जुड़े हैं।

बेहड़ ने शुक्ला परिवार और राजेश तिवारी समेत कई मामलों के दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा कि डबल वोट की प्रत्येक आपत्ति की वास्तविकता जानने के लिए दोनों स्थानों की मतदाता सूचियों में दर्ज फोटो का मिलान किया जाना चाहिए। इसके साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों के नाम और फोटो का भी सत्यापन तथा जरूरत पड़ने पर जमीनी स्तर पर जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में वास्तव में डबल वोट पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन केवल नाम या पिता के नाम की समानता के आधार पर किसी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं काटा जाना चाहिए।

विधायक ने यह भी मांग की कि आपत्ति लगाने वाले व्यक्ति से केवल ईपीआईसी नंबर के आधार पर दावा स्वीकार न किया जाए, बल्कि उसके समर्थन में ठोस प्रमाण भी लिए जाएं। यदि किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची का ईपीआईसी नंबर प्रस्तुत किया गया है तो संबंधित मतदाता की फोटो और अन्य विवरणों का भी सत्यापन किया जाए।

बेहड़ ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर आपत्तियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद संबंधित सूची राजनीतिक दलों और अधिकृत प्रतिनिधियों को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उन्होंने आपत्तियों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि प्रत्येक मामले की स्वतंत्र रूप से जांच में सहयोग किया जा सके।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य गलत वोट को बचाना नहीं है। यदि कोई वोट वास्तव में डबल है तो उसे नियमानुसार हटाया जाना चाहिए, लेकिन किसी वास्तविक मतदाता का वोट केवल नाम की समानता के आधार पर नहीं कटना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए।

बेहड़ ने चेतावनी दी कि बिना फोटो और परिवार के मतदाता रिकॉर्ड का उचित मिलान किए यदि वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया गया तो वह इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे।

विधायक के अनुसार, एडीएम कौस्तुभ मिश्रा ने मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आपत्ति को नियमानुसार देखा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आपत्तिकर्ता से भी प्रमाण लिए जाएंगे। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बेहड़ ने कहा कि उनकी मांग स्पष्ट है कि प्रत्येक डबल वोट की आपत्ति की निष्पक्ष जांच हो, दोनों स्थानों की फोटो और परिवार के मतदाता रिकॉर्ड का मिलान किया जाए तथा पर्याप्त प्रमाणों के आधार पर ही किसी मतदाता के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाए।


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