बकरीद पर इस बार खुले में नहीं होगी कुर्बानी

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बकरीद पर इस बार खुले में नहीं होगी कुर्बानी

 

– विशेष समिति की निगरानी में कुर्बानी की होगी वीडियोग्राफी

– खुले में पशुबलि और अवशेष फेंकने पर सख्त कार्रवाई

– रूद्रपुर में बकरीद पर अब तक का सबसे सख्त आदेश

– हाईकोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन कराने के आदेश जारी

 

रुद्रपुर। रूद्रपुर में इस बार बकरीद पहले जैसी नहीं होगी। पहली बार कुर्बानी की पूरी प्रक्रिया विशेष समिति की निगरानी और वीडियोग्राफी के दायरे में रहेगी। महापौर विकास शर्मा के निर्देश पर उत्तराखण्ड में पहली बार नगर निगम प्रशासन ने सख्त एक्शन प्लान लागू किया है। सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी, नालियों में खून बहाने और पशुओं के अवशेष खुले में फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

गौरतलब है कि बीते दिवस विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने महापौर विकास शर्मा से मुलाकात कर बकरीद के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर पशुबलि, सड़कों एवं नालियों में खून बहने तथा पशुओं के अवशेष खुले में फेंके जाने की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की थी। संगठनों ने कहा था कि ऐसे कृत्यों से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं तथा शहर की स्वच्छता और कानून व्यवस्था प्रभावित होती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर विकास शर्मा ने तत्काल नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों एवं नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों का कठोरता से पालन कराया जाए।

 

महापौर विकास शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बकरीद को लेकर नगर निगम के नये आदेशों की जानकारी देते हुए बताया कि बकरीद के अवसर पर किसी भी खुले स्थान, सार्वजनिक सड़क, चौराहे अथवा पूजा स्थलों के सामने से गुजरने वाले मार्गों पर किसी भी प्रकार की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही गाय, बछड़ा अथवा प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पूर्णतः निषिद्ध रहेगी। महापौर ने स्पष्ट किया कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

 

कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस अथवा निर्धारित स्थलों पर ही की जा सकेगी। प्रत्येक स्थल पर स्थानीय नागरिकों की निगरानी समिति गठित की जाएगी, जिसमें न्यूनतम पांच और अधिकतम ग्यारह सदस्य शामिल होंगे। इन समितियों में कम से कम एक महिला सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य होगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा स्वच्छता और जनस्वास्थ्य के मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

 

इसके साथ ही किसी भी स्थिति में पशुओं का रक्त नालियों में नहीं बहाया जाएगा और न ही पशुओं के अवशेष अथवा ऑफल खुले स्थानों पर फेंके जाएंगे। कुर्बानी के बाद उत्पन्न अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया जाएगा। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर में सभी त्योहार आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और कानून के दायरे में मनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि शहर की स्वच्छता, व्यवस्था और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराना है। उन्होंने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं मर्यादित वातावरण में मनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। शहर का माहौल दूषित और अशांत नहीं होने दिया जायेगा।


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