अफवाहों से सिडकुल का माहौल बिगाड़ने की साजिश: उद्यमियों की चेतावनी
भ्रामक प्रचार से औद्योगिक शांति पर खतरा, वेतन वृद्धि का कोई आदेश नहीं: सोसाइटी
अफवाहों के चलते कंपनियों में प्रदर्शन, उद्यमियों ने बताया पूरी तरह गलत
वेतन बढ़ोतरी की चर्चाएं निराधार, केंद्र से नहीं आया कोई शासनादेश
श्रमिकों से अपील—अफवाहों पर न दें ध्यान, बनाए रखें शांति
आदेश आया तो तुरंत होगा पालन, उद्यमियों ने दिया आश्वासन
रुद्रपुर। सिडकुल इंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसाइटी ने उद्योगों में वेतन वृद्धि को लेकर फैल रही अफवाहों पर चिंता जताते हुए कहा है कि कुछ खुराफाती तत्व भ्रामक प्रचार कर औद्योगिक क्षेत्र की शांति भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। सोसाइटी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ओर से अब तक वेतन वृद्धि संबंधी कोई भी शासनादेश जारी नहीं किया गया है।
गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सोसाइटी के संरक्षक अजय तिवारी और अध्यक्ष श्रीकर सिन्हा ने कहा कि वर्तमान में उद्योग विषम परिस्थितियों में उत्पादन कर रहे हैं, जबकि श्रमिक भी शांतिपूर्ण वातावरण में रोजगार कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में वेतन वृद्धि को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें अनावश्यक तनाव पैदा कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार द्वारा वेतन वृद्धि का शासनादेश जारी होने की चर्चाएं तेज हैं, जिसके चलते कई कंपनियों में श्रमिकों द्वारा कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन भी किए गए हैं। सोसाइटी ने कहा कि यह पूरी तरह भ्रामक प्रचार है और वास्तविकता से परे है।
सोसाइटी पदाधिकारियों ने श्रम विभाग से मामले में सक्रिय भूमिका निभाने और स्पष्टिकरण जारी कर स्थिति साफ करने की मांग की, ताकि श्रमिकों के बीच भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। साथ ही श्रमिकों को आश्वस्त किया कि यदि केंद्र या राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन वृद्धि का कोई आदेश जारी किया जाता है, तो उद्योग तत्काल उसका पालन करेंगे।
उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सिडकुल का माहौल खराब करने वाले तत्वों के खिलाफ एकजुट रहें।
इस दौरान उपाध्यक्ष विकास पांडेय, महासचिव गौरव हरीश, कोषाध्यक्ष विनीत शर्मा, सचिव गजेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी तेजपाल सहाय, संजय सिंह, वीरेंद्र सिंह, राजेश मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।







