*48 घंटे में खुला सड़क हादसे के पीछे छिपी हत्या का राज, पत्नी निकली साजिश की मुख्य सूत्रधार*
*प्रेम प्रसंग में पति की हत्या की रची साजिश, दो विधि-विवादित किशोरों की मदद से वारदात को दिया अंजाम; तमंचा, खोखे, कारतूस व रक्तरंजित कपड़े बरामद*
काशीपुर। प्रतापपुर क्षेत्र में 17 अगस्त की सुबह सड़क किनारे धान के खेत में अनियंत्रित हालत में मिली स्विफ्ट कार और उसमें खून से लथपथ मिले युवक की मौत का मामला सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या निकला। ऊधमसिंहनगर पुलिस ने एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में महज 48 घंटे के भीतर घटना का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी समेत तीन आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, पत्नी ने प्रेम प्रसंग के चलते पति की हत्या की साजिश रची थी और दो विधि-विवादित किशोरों की मदद से वारदात को अंजाम दिया गया।
मृतक की पहचान संजीव कुमार (24) पुत्र सोमल सिंह, निवासी बाजावाला, ढकिया नंबर-1, कुंडेश्वरी, काशीपुर के रूप में हुई। प्रारंभ में घटना को सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन पंचायतनामा के दौरान पुलिस को मृतक की गर्दन पर चोट के संदिग्ध निशान मिले। इसके बाद चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। मृतक की पत्नी निशा की तहरीर पर कोतवाली काशीपुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक काशीपुर और पुलिस उपाधीक्षक काशीपुर के पर्यवेक्षण में कोतवाली काशीपुर पुलिस तथा एसओजी की संयुक्त टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान मृतक की पत्नी निशा के बयानों का मोबाइल सीडीआर, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मिलान किया गया। इस दौरान उसके बयानों में विरोधाभास सामने आने पर पुलिस का शक गहराता गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि संजीव की ग्राम थारी, रामनगर में टेंट की दुकान थी। शिवम सैनी और कर्मजीत सिंह वहां हेल्पर के रूप में काम करते थे। इसी वजह से शिवम का संजीव के घर आना-जाना था। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान शिवम और संजीव की पत्नी निशा के बीच प्रेम प्रसंग हो गया। निशा अपने पति से होने वाले विवादों की जानकारी शिवम को देती थी। इसके बाद दोनों ने संजीव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और शिवम ने कर्मजीत को भी साजिश में शामिल कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त को शिवम के जन्मदिन के बहाने शिवम और कर्मजीत संजीव के साथ उसकी कार से रामनगर घूमने निकले। वहां मौका नहीं मिलने पर तीनों वापस काशीपुर की ओर लौटे। राजपुर रोड, थारी के पास योजना के अनुसार कार चला रहे संजीव की गर्दन पर पीछे बैठे कर्मजीत ने 12 बोर के तमंचे से गोली चला दी। गोली लगने के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरी। इसके बाद दोनों आरोपी घायल संजीव को कार में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद शिवम ने फोन कर निशा को वारदात की जानकारी दी।
पुलिस ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें तेज कर दीं। 19 अगस्त को कुंडेश्वरी चौकी क्षेत्र में मालवा फार्म पुलिया के पास शिवम सैनी और कर्मजीत को पकड़ लिया गया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा, तीन खोखे, पांच जिंदा कारतूस और रक्तरंजित कपड़े बरामद किए गए। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी निशा की भूमिका सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
विवेचना के दौरान शिवम और कर्मजीत के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच में दोनों के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। दोनों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार: निशा पत्नी स्वर्गीय संजीव कुमार, निवासी बाजावाला, ढकिया नंबर-1, काशीपुर।
विधि-विवादित किशोर: दो।
बरामदगी: 12 बोर का एक तमंचा, तीन खोखे, पांच जिंदा कारतूस और रक्तरंजित कपड़े।
पुलिस टीम: एसएसआई नवीन बुधानी, एसआई कौशल भाकुनी, एसआई मनोज सिंह धौनी, एसआई मीना रावत, एसआई गणेश पांडे, एसआई संजय सिंह, एसआई कंचन पडलिया, एसआई गिरीश चंद्र समेत पुलिसकर्मी। एसओजी काशीपुर से एसआई सुनील सुतेड़ी, कांस्टेबल इमरान और कांस्टेबल हरीश शामिल रहे।


