*सीता स्वयंवर में गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष, भारत भूषण चुघ ने किया रामलीला का शुभारंभ* भारत भूषण चुघ बोले—रामलीला समाज को देती है संस्कारों और आदर्शों की सीख। *श्री शिव नाटक क्लब की रामलीला के चौथे दिन हुआ भव्य मंचन, आज निकलेगी प्रभु श्रीराम की भव्य बारात*

*सीता स्वयंवर में रावण-वाणासुर संवाद, श्रीराम ने तोड़ा धनुष; परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां*

*श्री शिव नाटक क्लब की रामलीला के चौथे दिन हुआ भव्य मंचन, आज निकलेगी प्रभु श्रीराम की भव्य बारात*

रुद्रपुर। श्री शिव नाटक क्लब की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के चौथे दिन सीता स्वयंवर, रावण-वाणासुर संवाद, भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष तोड़ने और परशुराम-लक्ष्मण संवाद की लीला का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी एवं उत्तराखंड जु-जित्सु एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण चुघ तथा उद्योगपति और सिल्वर ओक के प्रबंध निदेशक राजू गावा ने परिवार सहित संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर भारत भूषण चुघ ने श्री शिव नाटक क्लब को भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि रामलीला का मंचन समाज को महत्वपूर्ण सीख देता है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है। उन्होंने कहा कि रामलीला आस्था और संस्कारों का पवित्र मंच है। ऐसे आयोजनों से समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है।

उद्योगपति राजू गावा ने रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराता है। रामायण में वर्णित पुष्पक विमान और हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने जैसे प्रसंग अद्भुत सामर्थ्य और ज्ञान का परिचय देते हैं। उन्होंने सभी से रामलीला देखने और इससे मिलने वाली शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान श्री शिव नाटक क्लब के पदाधिकारियों ने अतिथियों को अंगवस्त्र पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। मंच संचालन जॉली कक्कड़ ने किया।

सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने मोहा मन

रामलीला मंचन में सीता स्वयंवर के दौरान रावण और वाणासुर के बीच संवाद, भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष तोड़ने, सीता जी के जयमाला पहनाने तथा इसके बाद परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुए संवाद का मंचन किया गया। इन प्रसंगों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

मंचन में जनक की भूमिका हिमांशु पारिख, सीता की भूमिका नैतिक तनेजा, रावण की भूमिका रोहित नागपाल, वाणासुर की भूमिका गर्व गुलाटी, श्रीराम की भूमिका अभिनव अनेजा, लक्ष्मण की भूमिका रवि कक्कड़ और परशुराम की भूमिका अवतार सिंह खुराना ने निभाई। इसके अलावा राजा की भूमिका तनिष्क सीकरी तथा नमन कक्कड़, लविश गावड़ी, वसु ठुकराल, केशव बत्रा और अवनीत सिंह ने विभिन्न पात्रों का अभिनय किया। भाट की भूमिका भारत हुड़िया ने निभाई।

आज निकलेगी श्रीराम की भव्य बारात

श्री शिव नाटक क्लब के अध्यक्ष जगदीश सुखीजा ने बताया कि रविवार को दिन में प्रभु श्रीराम की भव्य बारात निकाली जाएगी। वहीं, रात्रि में रामलीला मंचन के दौरान राजतिलक की घोषणा, मंथरा-कैकयी संवाद, कैकयी का कोप भवन और भगवान श्रीराम को वनवास दिए जाने तक के प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।

उन्होंने सभी रामभक्तों से रामलीला का आनंद लेने तथा श्रीराम बारात की शोभायात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

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