गणेश उपाध्याय ने यूपीएससी टॉपर शांभवी को किया सम्मानित

किच्छा की शांभवी ने रचा इतिहास, यूपीएससी में 46वीं रैंक हासिल

गणेश उपाध्याय बोले — संस्कार और मेहनत से मिलती है बड़ी सफलता

गणेश उपाध्याय ने कहा — बेटियां हर क्षेत्र में बढ़ा रहीं देश का मान

गणेश उपाध्याय बोले — मेहनत, लगन और अनुशासन से मिलती है कामयाबी

गणेश उपाध्याय ने शांभवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की

गणेश उपाध्याय बोले — युवाओं के लिए प्रेरणा बनी शांभवी

 

किच्छा। विधानसभा क्षेत्र किच्छा के बसंत गार्डन निवासी 26 वर्षीय शांभवी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में 46वां स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
इस अवसर पर डॉ. गणेश उपाध्याय ने शांभवी के आवास पर पहुंचकर उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट किया और आशीर्वाद दिया। उन्होंने शांभवी के माता-पिता को बधाई देते हुए कहा कि अच्छी सोच और संस्कारों से संतान को मार्गदर्शन मिले तो वह बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में शांभवी प्रशासनिक सेवा में उच्च पदों पर पहुंचकर प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित करेंगी।
शांभवी ने इंटरमीडिएट की शिक्षा गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पंतनगर विश्वविद्यालय से बीटेक (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) में स्वर्ण पदक हासिल किया।
उल्लेखनीय है कि शांभवी ने अपने साक्षात्कार में बेबाकी से विचार रखते हुए समसामयिक विषयों पर प्रभावी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2025 में यूपीएससी परीक्षा में 445वीं रैंक प्राप्त कर भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) कैडर हासिल किया था, किंतु उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित होना था। तीसरे प्रयास में उन्होंने यह लक्ष्य प्राप्त कर मिसाल कायम की है।
शांभवी के नाना ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपनी पोती पर गर्व है। वहीं शांभवी ने कहा कि यदि उत्तराखंड उनका कर्मक्षेत्र बनता है तो वह आपदा प्रबंधन और महिलाओं के अधिकारों के लिए विशेष रूप से कार्य करेंगी।
शांभवी की सफलता से क्षेत्र में गर्व और उत्साह का वातावरण है तथा उनकी उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।

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