रुद्रपुर में उद्योग जगत का महाकुंभ, SEWS एजीएम में भविष्य की रणनीति तय
SEWS की एजीएम में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार बढ़ाने पर जोर
उद्योग, प्रशासन और समाज के समन्वय से बनेगा विकसित भारत : श्रीकर सिन्हा
SEWS की नई कार्यकारिणी का स्वागत, औद्योगिक हितों पर बनी रणनीति
महिला नेतृत्व और औद्योगिक विकास पर SEWS एजीएम में विशेष फोकस
उत्तराखंड को अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर
‘एम्पावरिंग इंडस्ट्रीज फॉर विकसित भारत-2047’ थीम के साथ SEWS की एजीएम आयोजित
रुद्रपुर। सिडकुल एंटरप्रेन्योर वेलफेयर सोसाइटी (SEWS) की वार्षिक आम सभा (एजीएम-2026) का आयोजन रविवार को रुद्रपुर के वीनस होटल में किया गया। इस वर्ष की बैठक की थीम “Empowering Industries for Viksit Bharat 2047” रही। कार्यक्रम में सिडकुल पंतनगर समेत आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की विभिन्न कंपनियों के प्लांट हेड, एचआर हेड, उद्योग प्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसाइटी के अध्यक्ष श्रीकर सिन्हा ने की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य उद्योग, प्रशासन और समाज के समन्वित प्रयासों से ही हासिल किया जा सकता है। बैठक में उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय, निवेश एवं रोजगार को बढ़ावा देने, औद्योगिक समस्याओं के समाधान तथा उत्तराखंड को अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया।
सोसाइटी के संस्थापक अजय तिवारी, संजय सिंघल और माहेश्वरी ने संगठन की अब तक की यात्रा और उद्योगों के हित में किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए सदस्य उद्योगों से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
इस दौरान संगठन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का स्वागत किया गया तथा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित गजेन्द्र सिंह को बधाई दी गई। अपने संबोधन में गजेन्द्र सिंह ने कहा कि SEWS आगे भी उद्योगों की आवाज बनकर कार्य करता रहेगा। उन्होंने सदस्य उद्योगों के हितों की रक्षा, निवेश, कौशल विकास, औद्योगिक सुरक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सभी उद्योगों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संतोष रगोड़े, पूर्व अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व महासचिव गजेन्द्र सिंह, संयुक्त सचिव ललिता जोशी, कोषाध्यक्ष विनीत शर्मा, आईआर प्रतिनिधि उत्तम सिंह, मीडिया कोऑर्डिनेटर तेज राम बघेल सहित संगठन की कार्यकारिणी एवं कोर टीम के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा करते हुए ललिता जोशी, कुलविंदर कौर, मुक्ता टंडन एवं महिला टीम के योगदान की सराहना की गई। बैठक में उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा औद्योगिक विकास, कौशल विकास, श्रमिक कल्याण, प्रशासन के साथ समन्वय, निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अंत में सभी सदस्य उद्योगों ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।







