आंगनबाड़ी आंदोलन बना महिलाओं के अधिकारों की आवाज: डॉ. गणेश उपाध्याय

Spread the love

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का संघर्ष बना मिसाल, सरकार पर उपेक्षा के आरोप

वादों और कार्यों में अंतर उजागर: डॉ. गणेश उपाध्याय

एक माह से आंदोलन, फिर भी समाधान नहीं: डॉ. गणेश उपाध्याय

मांगें अनसुनी रहीं तो चुनाव में दिखेगा असर: डॉ. गणेश उपाध्याय

2027 चुनाव में मुद्दा बनेगा आंगनबाड़ी संघर्ष: डॉ. गणेश उपाध्याय

 

देहरादून। उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का लंबे समय से जारी आंदोलन अब व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। इसे महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बताते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व दर्जा राज्य मंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

डॉ. उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार के वादों और कार्यों में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ‘मातृशक्ति वंदन’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर प्रदेश में महिलाएं अपनी मांगों को लेकर तपती धूप में धरना देने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि बीते एक माह से अधिक समय से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यह स्थिति सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का यह आंदोलन प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है, जो उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होने के लिए प्रेरित कर रहा है।

उन्होंने अंत में कहा कि यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में देखने को मिल सकता है।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *