*फाजलपुर महरौला के हजारों परिवारों को राहत की उम्मीद, कमेटी गठित करने के निर्देश* *विधायक शिव अरोरा ने मुख्यमंत्री धामी को सौंपा ज्ञापन, हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी और नियमितीकरण की नीति पर विचार करने का किया आग्रह*

*फाजलपुर महरौला के हजारों परिवारों को राहत की उम्मीद, कमेटी गठित करने के निर्देश*

 

*विधायक शिव अरोरा ने मुख्यमंत्री धामी को सौंपा ज्ञापन, हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी और नियमितीकरण की नीति पर विचार करने का किया आग्रह*

 

रुद्रपुर/गैरसैंण। फाजलपुर महरौला में वर्षों से रह रहे हजारों परिवारों की समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर इस मामले में ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को त्वरित कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। कमेटी मामले के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर समाधान की संभावनाएं तलाशेगी।

 

विधायक शिव अरोरा ने मुख्यमंत्री को बताया कि फाजलपुर महरौला में हजारों परिवार लंबे समय से निवास कर रहे हैं। इनमें कई परिवारों के पास भूमि की रजिस्ट्री, सीलिंग प्रमाणपत्र और दाखिल-खारिज से संबंधित दस्तावेज हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर मकान बनाए हैं और वर्षों से अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं।

 

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में उच्च न्यायालय की ओर से जारी स्थगन आदेश के बाद से प्रभावित परिवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मकान होने के बावजूद लोगों को बैंक ऋण लेने, संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने, भवनों के नक्शे पास कराने और बिजली कनेक्शन प्राप्त करने जैसी प्रक्रियाओं में दिक्कतें आ रही हैं। इससे हजारों परिवारों के सामने अपने आवास और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

 

हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी की मांग

 

विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मामले में उच्च न्यायालय के समक्ष प्रभावी पैरवी की जाए, ताकि कानूनी पहलुओं का समाधान निकालकर प्रभावित परिवारों को राहत दिलाई जा सके। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने भूमि संबंधी दस्तावेजों के आधार पर मकान बनाए हैं और लंबे समय से वहां रह रहे हैं, उनके हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, ऐसे परिवारों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जाना चाहिए, जिन्होंने अपनी जमा-पूंजी लगाकर मकान बनाए हैं।

 

नियमितीकरण की नीति पर भी विचार करने का आग्रह

 

शिव अरोरा ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह प्रस्ताव भी रखा कि यदि कमेटी की रिपोर्ट में इसकी संभावना सामने आती है तो शासन स्तर पर नियमानुसार नियमितीकरण की नीति बनाने पर भी विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला हजारों परिवारों के आवास और भविष्य से जुड़ा है। इसलिए सभी कानूनी पहलुओं का परीक्षण कर ऐसा व्यावहारिक समाधान तलाशा जाना चाहिए, जिससे लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी हल निकल सके।

 

विधायक ने कहा कि वर्ष 2017 से प्रभावित परिवार विभिन्न कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान निकालना जरूरी है। मुख्यमंत्री की ओर से कमेटी गठित करने के निर्देश दिए जाने से इस दिशा में आगे की कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है।

 

शिव अरोरा ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों की समस्या के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि फाजलपुर महरौला के परिवारों को राहत मिले और उनके आवास व भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता दूर हो सके।

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