*वन्यजीव अंगों की तस्करी का भंडाफोड़, 114 जोड़े हत्था जोड़ी बरामद* *तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर चार से पांच हजार रुपये में बेचता था आरोपी, इंस्टाग्राम के जरिए भी करता था कारोबार*

*वन्यजीव अंगों की तस्करी का भंडाफोड़, 114 जोड़े हत्था जोड़ी बरामद*

 

*तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ के नाम पर चार से पांच हजार रुपये में बेचता था आरोपी, इंस्टाग्राम के जरिए भी करता था कारोबार*

 

जसपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर में पुलिस और एसओजी काशीपुर की संयुक्त टीम ने वन्यजीव अंगों की तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से गोह के अंगों के 114 जोड़े, जंगली सूअर का एक दांत, पांच मोती शंख और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। वन विभाग की टीम ने बरामद सामग्री की पहचान करते हुए संबंधित प्रजातियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित बताया है।

 

एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर को जसपुर कोतवाली पुलिस और एसओजी काशीपुर की संयुक्त टीम कस्बे में शांति व्यवस्था एवं संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि राजपूत सभाभवन गेट के पास एक व्यक्ति अवैध रूप से वन्यजीवों के अंग बेच रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके से एक संदिग्ध को तीन प्लास्टिक के डिब्बों के साथ पकड़ लिया।

 

पूछताछ में आरोपी की पहचान आकाश दीक्षित (32) पुत्र विपिन दीक्षित, निवासी मोहल्ला कटरा, थाना सहसवान, जिला बदायूं (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। वह वर्तमान में जसपुर के वार्ड संख्या चार स्थित राजपूत सभाभवन के पास रह रहा था। पुलिस ने जब डिब्बों की तलाशी ली तो एक बड़े डिब्बे से गोह के अंगों के 114 जोड़े, एक छोटे डिब्बे से जंगली सूअर का एक दांत और एक गोल डिब्बे से पांच मोती शंख बरामद हुए। इसके अलावा आरोपी के पास से एक वीवो मोबाइल फोन भी मिला।

 

400-500 रुपये में खरीदकर चार से पांच हजार में बेचता था

 

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हरिद्वार निवासी अमन से हत्था जोड़ी के प्रत्येक जोड़े को 400 से 500 रुपये में खरीदकर लाता था। इसके बाद धन प्राप्ति, तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ में इस्तेमाल का दावा करते हुए इन्हें लोगों को चार से पांच हजार रुपये प्रति जोड़ा बेचता था। आरोपी इंस्टाग्राम पर divyapoojasamagri नाम की आईडी के माध्यम से भी इनकी ऑनलाइन बिक्री करता था।

 

वन विभाग ने संरक्षित वन्यजीव सामग्री की पुष्टि की

 

बरामदगी के बाद पुलिस ने जसपुर दक्षिणी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनुस्वार टम्टा और उनकी टीम को मौके पर बुलाया। वन विभाग की टीम ने बरामद सामग्री की जांच कर संबंधित प्रजातियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित बताया। इसके बाद जसपुर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 39, 49ए, 50 और 51 के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

 

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

 

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में जसपुर कोतवाली के उपनिरीक्षक बसंत प्रसाद और कांस्टेबल वीरेंद्र दत्त शामिल रहे। एसओजी काशीपुर की टीम का नेतृत्व प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील सुतेड़ी ने किया। टीम में हेड कांस्टेबल विनय कुमार, दीपक कुमार तथा कांस्टेबल हरीश गोस्वामी, इमरान खान और गिरीश कांडपाल शामिल थे। वन विभाग की ओर से रेंजर अनुस्वार टम्टा, वन दरोगा हरीश चंद्र सिंह नयाल और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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