*चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद दुकानदार को अधिक वसूली लौटाने के आदेश* *नैरोलैक पेंट की बाल्टी निर्धारित मूल्य से अधिक में बेचने का मामला, उपभोक्ता आयोग ने 183 रुपये वापसी और 2,000 रुपये वाद व्यय देने के दिए निर्देश*

*चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद दुकानदार को अधिक वसूली लौटाने के आदेश*

 

*नैरोलैक पेंट की बाल्टी निर्धारित मूल्य से अधिक में बेचने का मामला, उपभोक्ता आयोग ने 183 रुपये वापसी और 2,000 रुपये वाद व्यय देने के दिए निर्देश*

 

रुद्रपुर। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर पेंट बेचने के मामले में न्याय की उम्मीद लेकर जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचे एक उपभोक्ता को करीब साढ़े चार साल बाद राहत मिली है। आयोग ने दुकानदार को अधिक वसूली गई 183 रुपये की राशि लौटाने और 2,000 रुपये वाद व्यय के रूप में देने का आदेश दिया है। हालांकि, आयोग ने नैरोलैक पेंट कंपनी को दोषमुक्त कर दिया। इस निर्णय पर परिवादी ने असंतोष जताते हुए उपभोक्ता अधिकारों और न्याय प्रक्रिया की समयबद्धता पर सवाल उठाए हैं।

 

परिवादी नवीन कुमार के अनुसार, उन्होंने भूरारानी रोड स्थित गर्व इंफ्राटेक से नैरोलैक पेंट की 10 लीटर की बाल्टी खरीदी थी। बाल्टी पर 2,217 रुपये मूल्य अंकित था, लेकिन दुकानदार ने उनसे 2,400 रुपये वसूले। नवीन कुमार ने जब अंकित मूल्य से अधिक रकम लेने पर आपत्ति जताई और अतिरिक्त पैसे वापस मांगे तो दुकानदार ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ अभद्रता भी की गई।

 

इसके बाद नवीन कुमार ने नैरोलैक पेंट कंपनी से शिकायत की, लेकिन उनके अनुसार कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इससे क्षुब्ध होकर उन्होंने 4 मार्च 2022 को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया।

 

तारीख पर तारीख मिलने से बढ़ी परेशानी

 

नवीन कुमार का कहना है कि वह न्याय की उम्मीद में हर महीने निर्धारित तारीख पर आयोग पहुंचते रहे। उनके अनुसार, विपक्षी पक्ष की ओर से बार-बार स्थगन प्रार्थना पत्र दिए जाने के कारण सुनवाई में देरी होती रही। परिवादी ने समय पर अपने साक्ष्य और लिखित तर्क आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर दिए थे, जबकि विपक्षी पक्ष की लिखित बहस दाखिल करने में भी लंबा समय लगा।

 

परिवादी के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2026 को उन्हें आयोग के आदेश की जानकारी मिली। आदेश में दुकानदार को 183 रुपये की अतिरिक्त वसूली लौटाने और 2,000 रुपये वाद व्यय देने के निर्देश दिए गए, जबकि नैरोलैक पेंट कंपनी को दोषमुक्त कर दिया गया।

 

कंपनी को दोषमुक्त करने पर उठाए सवाल

 

नवीन कुमार ने कहा कि संबंधित दुकानदार कंपनी का अधिकृत डीलर है। ऐसे में उनका सवाल है कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उत्पाद बेचे जाने के मामले में कंपनी ने डीलर के खिलाफ क्या कार्रवाई की। उनका कहना है कि कंपनी की ओर से न तो उनकी शिकायत का संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही उन्हें किसी प्रकार की राहत मिली। उन्होंने डीलर के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की जरूरत जताई।

 

परिवादी का कहना है कि उपभोक्ता को न्याय पाने के लिए साढ़े चार साल तक इंतजार करना पड़ा, जबकि विवाद केवल 183 रुपये की अतिरिक्त वसूली से जुड़ा था। उनके अनुसार, उपभोक्ता आयोग का उद्देश्य ग्राहकों को त्वरित न्याय दिलाना है, लेकिन लंबी प्रक्रिया उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ाती है।

 

उन्होंने मांग की कि ग्राहकों का शोषण रोकने के लिए निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूलने वाले दुकानदारों पर उचित और प्रभावी आर्थिक दंड लगाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि उपभोक्ता के साथ गलत व्यवहार और अधिक वसूली के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उपभोक्ता संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।

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