*आशाओं ने उठाई न्यूनतम वेतन, पेंशन और नियमितीकरण की मांग* *24 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, 22 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच की चेतावनी*

*आशाओं ने उठाई न्यूनतम वेतन, पेंशन और नियमितीकरण की मांग*

*24 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, 22 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच की चेतावनी*

हल्द्वानी। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) ने न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा, नियमितीकरण, पेंशन समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। यूनियन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं होने पर 24 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और 22 नवंबर को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई।

यूनियन ने कहा कि ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन के आह्वान पर सितंबर माह में प्रत्येक मंगलवार को आशाओं ने विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं। यूनियन का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अभियानों और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में लगातार जिम्मेदारियां बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन आशाओं को न्यूनतम वेतन और कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है।

ज्ञापन में कहा गया कि 31 अगस्त 2021 को खटीमा स्थित मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय में आशाओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के दौरान मासिक मानदेय निर्धारित करने और डीजी हेल्थ के प्रस्ताव के अनुसार 11,500 रुपये मासिक मानदेय देने का आश्वासन दिया गया था। यूनियन का कहना है कि कई वर्ष बीतने के बावजूद यह मांग पूरी नहीं हुई है।

यूनियन ने मांग की कि 2021 में आशाओं के मानदेय को 11,500 रुपये करने संबंधी प्रस्ताव लागू किया जाए। आशाओं को न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा और सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन पेंशन देने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के समय 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का बजट बढ़ाने और एनजीओ की भूमिका समाप्त कर कार्य स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से कराने की मांग की गई।

ज्ञापन में आशाओं की छंटनी रोकने, सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों को आशाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करने तथा सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पद तत्काल भरने की भी मांग की गई।

यूनियन ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों के समाधान के लिए तत्काल समयबद्ध प्रक्रिया शुरू नहीं की तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। पहले 24 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन होगा। इसके बाद 22 नवंबर को प्रदेशभर की आशाएं देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगी। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

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