*₹10 हजार के UPI भुगतान पर ग्राहक से नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क, व्यापारी को देना होगा ₹47.20*

*₹10 हजार के UPI भुगतान पर ग्राहक से नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क, व्यापारी को देना होगा ₹47.20*

नई दिल्ली। यूपीआई से भुगतान करने वाले ग्राहकों के लिए फिलहाल राहत की खबर है। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा, लेकिन इसका भार ग्राहक पर नहीं डाला जाएगा। एमडीआर की अधिकतम सीमा प्रति लेनदेन ₹300 तय की गई है।

₹2,000 तक के यूपीआई लेनदेन और छोटे कारोबारियों के लिए निर्धारित छूट जारी रहेगी। वहीं, रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन जैसी कुछ श्रेणियों में ₹5 का फ्लैट एमडीआर लागू होगा।

₹10 हजार के भुगतान का ऐसे समझें हिसाब

यदि कोई ग्राहक किसी पात्र व्यापारी को यूपीआई के माध्यम से ₹10,000 का भुगतान करता है तो 0.4 प्रतिशत के हिसाब से एमडीआर ₹40 होगा। यदि इस शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है तो जीएसटी ₹7.20 बैठेगा। इस तरह व्यापारी की कुल लागत ₹47.20 होगी। ग्राहक को फिर भी ₹10,000 ही चुकाने होंगे।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि एमडीआर को सरकार द्वारा वसूला जाने वाला कर नहीं माना गया है। यह शुल्क भुगतान व्यवस्था में शामिल बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडरों और अन्य प्रतिभागियों के बीच वितरित किया जाएगा।

नए ढांचे का उद्देश्य यूपीआई भुगतान व्यवस्था के बुनियादी ढांचे, नवाचार और साइबर सुरक्षा में निवेश के लिए स्थायी कारोबारी मॉडल तैयार करना बताया गया है।

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