*ईरानी मिसाइलों को रोकने में अमेरिकी सेना नाकाम हथियारों के घटते स्टॉक पर बड़ा खुलासा*

*ईरानी मिसाइलों को रोकने में अमेरिकी सेना नाकाम हथियारों के घटते स्टॉक पर बड़ा खुलासा*

 

वॉशिंगटन। अमरीकी सेना हथियारों का स्टॉक कम होने के कारण कुछ ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। यह जानकारी एनबीसी न्यूज़ ने अमरीकी प्रशासन के सूत्रों के हवाले से दी। एनबीसी न्यूज़ के अनुसार, अमरीका के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सैन्य कमांडर कुछ ईरानी मिसाइलों और हमलावर ड्रोनों को वायु रक्षा प्रणाली में घुसने दे रहे थे ताकि एंटी-मिसाइल के घटते स्टॉक को बचाया जा सके।

इसने कहा कि अमरीकी सैनिकों के लिए खतरा पैदा करने वाले सभी लक्ष्यों को इंटरसेप्ट किया जाता है। ब्रॉडकास्टर के अनुसार, कुछ मामलों में, उन इलाकों में उड़ने वाली मिसाइलों और ड्रोनों को जाने दिया जा सकता है जहां कोई सैनिक मौजूद नहीं है, भले ही वे बेस के अवसंरचना को नुकसान पहुंचाने में सक्षम हों। इसके जवाब में, यूएन में अमरीकी राजदूत माइक वाल्ट्ज़ ने रविवार को एनबीसी न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में अमेरिकी गोला-बारूद खत्म होने की खबरों का खंडन किया। श्री वाल्ट्ज़ ने इन खबरों पर भरोसा न करने की बात कही और कहा कि इन्हें फैलाने वालों को जेल में होना चाहिए।

सीबीएस ने शुक्रवार को रिपोर्ट दी कि ट्रंप प्रशासन अमरीका में हथियारों पर तेज़ी से हो रहे खर्च को लेकर चिंतित है। उसी दिन, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ़ सैन्य अभियान को तेज़ी से बढ़ाने की योजना टाल दी। उन्हें चिंता थी कि ऐसा करने से पश्चिम एशिया में पैट्रियट इंटरसेप्टर और दूसरे वायु रक्षा हथियारों का पहले से ही कम हो रहा स्टॉक खतरनाक रूप से खत्म हो सकता है

Advertisement
Advertisement
Advertisement