*जरा संभलकर! रेट्रो फोटो के शौक में दांव पर न लगाएं अपनी निजता*
*जरा संभलकर! रेट्रो फोटो के शौक में दांव पर न लगाएं अपनी निजता*
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों 80-90 के दशक के रेट्रो लुक में अपनी तस्वीरें तैयार कराने का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर लोग एआई टूल्स की मदद से अपनी मौजूदा तस्वीरों को पुराने दौर की तस्वीरों जैसा बनाकर साझा कर रहे हैं। तस्वीर देखने में भले ही आकर्षक लगे, लेकिन एआई टूल्स पर अपनी हाई रिजॉल्यूशन तस्वीर अपलोड करने से पहले निजता और डेटा सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एआई आधारित फोटो एडिटिंग टूल को तस्वीर उपलब्ध कराने पर यूजर को यह समझना चाहिए कि संबंधित प्लेटफॉर्म उस तस्वीर और उससे जुड़े डेटा का किस तरह इस्तेमाल करता है। हाई रिजॉल्यूशन फोटो में चेहरे की कई बारीक विशेषताएं दिखाई देती हैं। इनमें चेहरे की बनावट, आंख, नाक, कान, त्वचा की बनावट, तिल और अन्य पहचान संबंधी विशेषताएं शामिल हो सकती हैं। यदि किसी सेवा की नीतियां ऐसे डेटा के संग्रह या उपयोग की अनुमति देती हैं, तो इनका इस्तेमाल एआई सिस्टम को बेहतर बनाने अथवा चेहरे की पहचान जैसी तकनीकों के विकास में किया जा सकता है।
इसके अलावा किसी ऑनलाइन एआई सेवा का इस्तेमाल करते समय तकनीकी जानकारी, जैसे आईपी एड्रेस, डिवाइस संबंधी विवरण और अन्य लॉग डेटा भी सेवा प्रदाता के पास दर्ज हो सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह संबंधित प्लेटफॉर्म की प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा संग्रह की व्यवस्था पर निर्भर करता है।
तस्वीरों से तैयार हो सकता है डिजिटल प्रोफाइल
सोशल मीडिया पर पहले से उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो के साथ नई हाई क्वालिटी तस्वीरों को मिलाकर किसी व्यक्ति की डिजिटल पहचान संबंधी प्रोफाइल तैयार किए जाने की संभावनाओं को लेकर भी विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। भविष्य में ऐसे डेटा का दुरुपयोग डीपफेक या फेस-स्वैप जैसी तकनीकों के जरिए किया जा सकता है।
यही वजह है कि किसी भी एआई फोटो टूल पर तस्वीर अपलोड करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी, डेटा स्टोरेज, फोटो डिलीट करने की व्यवस्था और एआई ट्रेनिंग के लिए डेटा के इस्तेमाल से जुड़ी शर्तों को पढ़ना जरूरी है। केवल ट्रेंड का हिस्सा बनने के लिए अपनी निजी तस्वीर किसी भी अनजान एआई प्लेटफॉर्म को देना भविष्य में निजता के लिहाज से जोखिम पैदा कर सकता है।
रेट्रो लुक की तस्वीर भले कुछ सेकंड में तैयार हो जाए, लेकिन अपनी डिजिटल पहचान और निजी डेटा की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतना कहीं अधिक जरूरी है।


