महिला सम्मेलन में आरक्षण को लेकर गूंजा आक्रोश
रुद्रपुर। विकासखंड सभागार में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम पारित न होने पर महिलाओं ने तीखी नाराजगी जताई। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही और वक्ताओं ने इसे महिला अधिकारों से जुड़ा अहम मुद्दा बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष डॉ. विनीता सक्सेना ने कहा कि महिलाएं आधुनिक भारत की राजनीति का भविष्य हैं और उन्हें उनका अधिकार अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे।
मुख्य वक्ता कल्पना बोरा ने कहा कि महिलाओं का यह आक्रोश अब प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में गूंजेगा। उन्होंने “फूल नहीं चिंगारी हैं, हम भारत की नारी हैं” नारे के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए महिलाओं से एकजुट होकर अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शैली फुटेला भी मौजूद रहीं।
सम्मेलन में ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, मीना शर्मा, लता सिंह, पूनम अग्रवाल, जनकी तिवारी सहित महिला मोर्चा की पदाधिकारी प्रीति धीर, प्रेमलता चौहान, नीलू गुप्ता, दया डसीला, स्वाति शर्मा, रजनी रावत, गीता भारद्वाज, साधना शर्मा, निर्मला सिंह, सुषमा अग्रवाल, रीना जग्गा, पिंकी चतुर्वेदी और अर्चना राय समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सम्मान और अधिकार का प्रतीक है। इसके विरोध के खिलाफ महिलाएं अब एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगी।







