भाकपा (माले) स्थापना दिवस पर फासीवाद के खिलाफ संघर्ष का संकल्प
रुद्रपुर, 22 अप्रैल। भाकपा (माले) की 57वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को हेड मास्टर निशान सिंह भवन में बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को क्रांतिकारी श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई, जिसके बाद पार्टी की केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी स्थापना दिवस आह्वान का पाठ किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि भाकपा (माले) नक्सलबाड़ी किसान विद्रोह की पृष्ठभूमि से उभरी पार्टी है, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी जनता के संघर्ष और भागीदारी के बल पर अपनी पहचान कायम रखी है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट आंदोलन को खत्म करने की घोषणाओं के बावजूद यह आंदोलन लगातार मजबूत होकर उभरता रहा है।
पार्टी नेता अमनदीप कौर ने कहा कि देश में मेहनतकश वर्ग के बीच असंतोष बढ़ रहा है और श्रम नीतियों के खिलाफ व्यापक विरोध देखने को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन से जोड़कर लागू करने में देरी कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि नोएडा, मदरसन, आंगनबाड़ी और सिडकुल क्षेत्रों में मजदूर सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन राज्य सरकारें इन आंदोलनों का दमन कर रही हैं।
वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक संघर्ष की जरूरत है। उन्होंने फासीवादी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया।
बैठक में मांग की गई कि विभिन्न क्षेत्रों में आंदोलन कर रहे मजदूरों की सम्मानजनक वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांगों को तत्काल पूरा किया जाए तथा मजदूर आंदोलनों से जुड़े मामलों में दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए।
कार्यक्रम में ललित मटियाली, अमनदीप कौर, अनिता अन्ना, ज्ञानी सुरेन सिंह, उत्तम दास, दर्शन सिंह, रंजन विश्वास, सत्यवीर सिंह, प्रीति, जगजीत कौर और नवजोत सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।











