एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में पुलिस मुठभेड़, कुख्यात असलाह सप्लायर बंटी कोली गिरफ्तार

रुद्रपुर में पुलिस मुठभेड़: असलाह सप्लायर बंटी कोली गिरफ्तार, 10 अवैध हथियार बरामद

एसओजी की बड़ी कार्रवाई: 10 अवैध हथियारों के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

अजय गणपति के नेतृत्व में पुलिस की बड़ी सफलता, 10 अवैध हथियारों के साथ दो आरोपी पकड़े

रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में एसओजी टीम ने मुठभेड़ के बाद रुद्रपुर के कुख्यात असलाह सप्लायर बंटी कोली को गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान बंटी कोली के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रपुर भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार एसओजी टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाला बदमाश बंटी कोली अपने एक साथी के साथ मोदी मैदान के पास असलाह की डिलीवरी देने आने वाला है। सूचना के आधार पर एसओजी टीम मौके पर पहुंची तो वहां बंटी कोली और उसका साथी मौजूद मिले। पुलिस टीम को देखते ही बंटी कोली ने पुलिस पर चार राउंड फायर कर दिए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी चार राउंड फायर किए, जिसमें बंटी कोली के बाएं पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे और उसके साथी को मौके से दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बंटी कोली (24) पुत्र महावीर कोली निवासी वार्ड नंबर 23 रम्पुरा, कोतवाली रुद्रपुर और मनोज कुमार (22) पुत्र राजेंद्र कुमार निवासी चंदेन थाना बिलासपुर जिला रामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 10 अवैध हथियार बरामद किए हैं, जिनमें 315 बोर के सात तमंचे, एक 12 बोर का तमंचा, एक 30 बोर की पिस्टल, एक अन्य तमंचा तथा कुल 27 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल और लगभग 7000 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार बंटी कोली पर पूर्व में भी आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह अवैध असलाह तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा रहा है। उसकी तलाश उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को भी थी। वर्ष 2024 में उसे तीन माह के लिए जिला बदर भी किया गया था, लेकिन उसने जिला बदर आदेश का उल्लंघन किया था।
इस मामले में कोतवाली ट्रांजिट कैंप में पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109/111 बीएनएस तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं 3, 5, 25, 26 और 27 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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