*_अडानी ग्रीन को तगड़ा झटका, Q3 में 99% गिरा मुनाफा, ₹430 करोड़ से घटकर ₹5 करोड़ रह गया नेट प्रॉफिट_*

*_अडानी ग्रीन को तगड़ा झटका, Q3 में 99% गिरा मुनाफा, ₹430 करोड़ से घटकर ₹5 करोड़ रह गया नेट प्रॉफिट_*

नई दिल्ली: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बड़ा झटका लगा है. कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि दिसंबर 2025 में समाप्त तिमाही में उसका समेकित शुद्ध मुनाफा करीब 99 प्रतिशत गिरकर सिर्फ 5 करोड़ रुपये रह गया. पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने 474 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था.

बढ़ते खर्च बने गिरावट की वजह

कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, तिमाही के दौरान कुल खर्च बढ़कर 2,961 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 2,329 करोड़ रुपये था. खास तौर पर वित्तीय लागत में तेज उछाल देखने को मिला. इस तिमाही में फाइनेंस कॉस्ट बढ़कर 1,698 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह 1,251 करोड़ रुपये था.

आय में बढ़ोतरी, फिर भी मुनाफा घटा

हालांकि मुनाफा घटा है, लेकिन कंपनी की कुल आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई. तीसरी तिमाही में अडानी ग्रीन एनर्जी की कुल आय 2,837 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 2,636 करोड़ रुपये थी. इसके बावजूद बढ़ते खर्चों ने मुनाफे को लगभग खत्म कर दिया.

2026 में भी तेज विस्तार का दावा

कंपनी के सीईओ आशीष खन्ना ने कहा कि 2026 में भी अडानी ग्रीन एनर्जी अपनी तेज विकास यात्रा जारी रखेगी. उन्होंने बताया कि कंपनी इस साल 5.6 गीगावाट नई रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ेगी, जो देश में लगने वाली कुल नई सोलर और विंड क्षमता का करीब 14 प्रतिशत होगा. इससे कंपनी की परिचालन क्षमता बढ़कर 17.2 गीगावाट हो गई है.

खावड़ा प्रोजेक्ट पर तेज काम

आशीष खन्ना ने कहा कि गुजरात के खावड़ा में बन रहा प्रोजेक्ट, जो दुनिया की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी परियोजना है, तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके साथ ही कंपनी आने वाले महीनों में दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-लोकेशन बैटरी एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं में से एक को भी शुरू करने की दिशा में काम कर रही है.

 

हाइड्रो और स्टोरेज परियोजनाएं भी ट्रैक पर

कंपनी ने बताया कि आंध्र प्रदेश की चित्रावती नदी पर प्रस्तावित हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज परियोजना भी तय समय पर आगे बढ़ रही है. इससे भविष्य में ऊर्जा भंडारण की क्षमता और मजबूत होगी.

नौ महीनों में रिकॉर्ड बिजली उत्पादन

वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में अडानी ग्रीन एनर्जी ने 27 अरब यूनिट से ज्यादा स्वच्छ बिजली का उत्पादन किया. कंपनी के अनुसार, यह उत्पादन अजरबैजान जैसे देश को पूरे एक साल तक बिजली देने के लिए पर्याप्त है.

क्षमता और बिक्री में मजबूत बढ़ोतरी

अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कंपनी की परिचालन क्षमता साल-दर-साल आधार पर 48 प्रतिशत बढ़कर 17.2 गीगावाट पहुंच गई. इस दौरान कंपनी ने 2,995 मेगावाट नई ग्रीनफील्ड क्षमता जोड़ी, जो पूरे FY25 में जोड़ी गई क्षमता का 90 प्रतिशत से अधिक है. ऊर्जा बिक्री में भी 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 20,108 मिलियन यूनिट से बढ़कर 27,636 मिलियन यूनिट हो गई.

50 गीगावाट लक्ष्य की ओर कदम

कंपनी ने दोहराया कि वह 50 गीगावाट की दीर्घकालिक क्षमता हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है, हालांकि मौजूदा तिमाही में मुनाफे पर बढ़ते खर्चों का असर साफ नजर आया है.

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