किच्छा मंडी में किसानों की बैठक, गेहूं तौल व्यवस्था व ट्रांसपोर्ट पर उठे सवाल
किच्छा मंडी में गणेश उपाध्याय की मौजूदगी में किसानों की हुंकार, प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
मंडी अव्यवस्था पर गणेश उपाध्याय का तीखा बयान, सुधार न हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
गणेश उपाध्याय के नेतृत्व में किसानों का विरोध, यूरिया कटौती पर भी जताया रोष
किच्छा। कृषि उपज मंडी किच्छा में किसानों की समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें गेहूं की तौल प्रक्रिया में हो रही देरी और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों ने मांग उठाई कि गेहूं तौलने की गति तेज की जाए तथा जिन ट्रांसपोर्टरों की लापरवाही से किसानों को परेशानी हो रही है, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।
बैठक में किसानों ने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में खामियों के चलते उन्हें अपनी उपज बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
इस दौरान एसडीएम किच्छा गौरव पांडेय और डिप्टी आरएमओ लता मिश्रा ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वहीं डॉ. उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने मुख्य जिला कृषि अधिकारी वी.के.एस. यादव से बातचीत की, जिसमें यह जानकारी दी गई कि प्रति एकड़ जहां पहले तीन कट्टे यूरिया की आवश्यकता होती थी, अब सरकार द्वारा एक ही कट्टा उपलब्ध कराया जाएगा। इस निर्णय पर किसानों ने नाराजगी जताई।
किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर काम करते हैं, जबकि किसान लू, बरसात और शीतलहर जैसी परिस्थितियों में खेतों में मेहनत कर देश को अन्न उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो बड़े स्तर पर जन आंदोलन किया जाएगा और जिलाधिकारी का घेराव भी किया जा सकता है।
बैठक में रामनरेश गंगवार, गजेंद्र, तुलाराम, लईक अहमद, महेशा जोशी, दीवान सिंह नेगी, तुलसीराम, राम प्रसाद, डोरी लाल, जय नारायण सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।







