फेसबुक दोस्ती बनी साइबर जाल, शिक्षिका से 58 लाख की ठगी
अल्मोड़ा, 12 अप्रैल। सोशल मीडिया पर हुई एक सामान्य दोस्ती ने शिक्षिका को बड़े साइबर ठगी गिरोह के जाल में फंसा दिया। फेसबुक पर बनी जान-पहचान के बाद विदेशी गिफ्ट भेजने का झांसा देकर ठगों ने उनसे करीब 58 लाख रुपये हड़प लिए।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में शिक्षिका को ‘डॉ. मारियो’ नाम की प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली, जिसे स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। आरोपी ने खुद को ब्रिटेन के सरकारी अस्पताल में कार्यरत गायनोकोलॉजिस्ट बताया और धीरे-धीरे विश्वास जीत लिया।
वर्ष 2023 में आरोपी ने शिक्षिका के लिए विदेश से गिफ्ट भेजने की बात कही। कुछ समय बाद खुद को कस्टम अधिकारी बताने वाले व्यक्ति का कॉल आया, जिसने पार्सल में विदेशी मुद्रा और कीमती सामान होने का दावा करते हुए उसे छुड़ाने के नाम पर रकम मांगी। शुरुआत में संदेह के बावजूद शिक्षिका झांसे में आ गईं और पैसे ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद आरबीआई चार्ज, कस्टम ड्यूटी और अन्य शुल्क के नाम पर लगातार अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई जाती रही। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर शिक्षिका पर दबाव बनाया। नवंबर 2023 से 23 मार्च 2026 के बीच उनसे करीब 58 लाख रुपये ठग लिए गए।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने शिक्षिका से चार नए बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड और सिम भी अपने कब्जे में ले लिए और उनका दुरुपयोग किया। ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने अपने खाते बंद कराए और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
विशेषज्ञों की चेतावनी
साइबर एक्सपर्ट जय प्रकाश सिंह के अनुसार यह “फेसबुक फ्रेंडशिप और पार्सल स्कैम” का क्लासिक मामला है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल के जरिए पहले भावनात्मक जुड़ाव बनाते हैं और फिर गिफ्ट या पार्सल के नाम पर ठगी को अंजाम देते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा गिफ्ट भेजने या परेशानी बताकर पैसे मांगने पर सतर्क रहें। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का भुगतान न करें और न ही अपनी बैंकिंग या निजी जानकारी साझा करें।
ठगी होने पर तुरंत करें ये कार्रवाई
1930 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत कॉल करें
राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें
संबंधित बैंक को तुरंत सूचित करें
नजदीकी थाने में लिखित शिकायत दें
पुलिस का कहना है कि समय रहते शिकायत करने पर ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना रहती है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।







