*आजम खान के खिलाफ ED की नई FIR, जेल में आठ घंटे तक हुई पूछताछ* *जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में 494.46 करोड़ रुपये खर्च होने का मामला, घोषित खर्च और वास्तविक निर्माण लागत में 416 करोड़ रुपये का अंतर*

*आजम खान के खिलाफ ED की नई FIR, जेल में आठ घंटे तक हुई पूछताछ*

 

*जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में 494.46 करोड़ रुपये खर्च होने का मामला, घोषित खर्च और वास्तविक निर्माण लागत में 416 करोड़ रुपये का अंतर*

 

रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की रिहाई से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कराया है। ED की शिकायत पर रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इससे पहले ED की चार सदस्यीय टीम ने रामपुर जिला जेल में बंद आजम खान से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की थी।

 

जानकारी के मुताबिक, यह FIR 13 अक्टूबर की रात दर्ज की गई थी। ED अब इस मामले को वर्ष 2019 में दर्ज अपनी ECIR से जोड़कर धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत आगे की जांच और कार्रवाई करेगी।

 

494 करोड़ के निर्माण खर्च का मामला

 

ED की शिकायत के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर कुल 494.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की ओर से वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक दाखिल आयकर रिटर्न में केवल 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दर्शाया गया। इस तरह निर्माण पर हुए खर्च और घोषित पूंजीगत व्यय के बीच करीब 416.14 करोड़ रुपये का अंतर सामने आया है। ED ने इस अंतर को जांच का आधार बनाया है।

 

सरकारी धन के इस्तेमाल का आरोप

 

ED की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर सरकारी निर्माण कार्यों के ठेके हासिल किए गए और इन कार्यों के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में कराया गया। शिकायत के मुताबिक, ठेकेदारों के माध्यम से करीब 55.80 करोड़ रुपये, सरकारी निर्माण कार्यों से 23.41 करोड़ रुपये और विधायक निधि से 6.60 करोड़ रुपये के कार्य यूनिवर्सिटी परिसर में कराए गए। इस तरह कुल करीब 85.81 करोड़ रुपये के कार्यों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

 

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

 

पुलिस ने ED की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61 (आपराधिक साजिश), 316(5) (आपराधिक विश्वासघात), 318(4) (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में ED वित्तीय लेनदेन और धन के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

 

रिहाई को लेकर बढ़ी कानूनी उलझन

 

उधर, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में सजा के खिलाफ दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट अपना फैसला सुरक्षित रख चुका है। इस मामले में राहत मिलने की स्थिति में भी ED की नई FIR और उनके खिलाफ लंबित अन्य मुकदमों के चलते रिहाई की राह कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। फिलहाल आजम खान रामपुर जिला जेल में बंद हैं।

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