राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हुई वैष्णवी की कविता, विद्यालय परिवार में हर्ष
‘मेरे सपनों की मधुशाला’ ने दिलाई वैष्णवी को राष्ट्रीय पहचान
वैष्णवी की कविता ने रचा कीर्तिमान, ‘अटल हिंदी कविता संग्रह’ में मिली जगह
वैष्णवी की कविता का राष्ट्रीय चयन, शिक्षिका आरती वाधवा भी सम्मानित
बिलासपुर। भानु प्रताप पब्लिक स्कूल, शारदा नगर, दिबडिबा की छात्रा वैष्णवी की मौलिक कविता ‘मेरे सपनों की मधुशाला’ का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। कविता को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से आयोजित ‘अटल बाल हिंदी कविता प्रतियोगिता-2025’ की चयनित रचनाओं के संग्रह ‘अटल हिंदी कविता संग्रह-2025’ में स्थान मिला है। कविता संग्रह में वैष्णवी की रचना पृष्ठ संख्या 90 पर कविता संख्या 75 के रूप में प्रकाशित हुई है।
हिंदी पखवाड़े के अवसर पर आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। सैकड़ों प्रविष्टियों में से चयनित श्रेष्ठ रचनाओं को संग्रह में प्रकाशित किया गया।
वैष्णवी की इस उपलब्धि में उनकी मार्गदर्शक शिक्षिका आरती वाधवा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने छात्रा की लेखन प्रतिभा को प्रोत्साहित करते हुए उसे उचित मार्गदर्शन प्रदान किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश चंद्रा ने वैष्णवी को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सफलताएं अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने शिक्षिका आरती वाधवा के मार्गदर्शन की भी सराहना की।
इस अवसर पर वैष्णवी को सर्टिफिकेट ऑफ पार्टिसिपेशन एवं सम्मान प्रदान किया गया। उनकी मार्गदर्शक शिक्षिका आरती वाधवा को भी उत्कृष्ट मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।
वैष्णवी की उपलब्धि पर विद्यालय के प्रबंधतंत्र, प्रधानाचार्य, शिक्षकगण एवं समस्त विद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।







