*मंथरा के बहकावे में कैकेयी ने मांगे दो वरदान, श्रीराम ने सहर्ष स्वीकार किया वनवास* *श्री शिव नाटक क्लब की रामलीला के पांचवें दिन कैकेयी-दशरथ संवाद का हुआ भावपूर्ण मंचन*

*मंथरा के बहकावे में कैकेयी ने मांगे दो वरदान, श्रीराम ने सहर्ष स्वीकार किया वनवास*

 

*श्री शिव नाटक क्लब की रामलीला के पांचवें दिन कैकेयी-दशरथ संवाद का हुआ भावपूर्ण मंचन*

 

रुद्रपुर। श्री शिव नाटक क्लब की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के पांचवें दिन राजतिलक की घोषणा, मंथरा-कैकेयी संवाद, दशरथ-कैकेयी संवाद और कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से दो वरदान मांगने तक की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी के कोपभवन जाने और राजा दशरथ से दो वरदान मांगने के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। वहीं, श्रीराम और कैकेयी के संवाद ने दर्शकों को मर्यादा, कर्तव्य और आज्ञापालन का संदेश दिया।

 

रामलीला का शुभारंभ समाजसेवी एवं गोल्डन एजेंसीज के स्वामी किशोर अरोरा तथा ओम बापू मशीनरी स्टोर के स्वामी हरीश गुंबर ने परिवार सहित संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान विशाल गुंबर, हन्नी गुंबर और पंकज सुखीजा भी उपस्थित रहे।

 

इस अवसर पर किशोर अरोरा ने कहा कि भगवान श्रीराम के चरित्र को अपने जीवन में आत्मसात करके व्यक्ति अपने जीवन को उत्तम बना सकता है। रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में आदर्शों और संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा भी देती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष रामलीला का मंचन देखकर उससे सीख लेकर अपने जीवन में उतारना चाहिए।

 

हरीश गुंबर ने कहा कि श्री शिव नाटक क्लब प्रतिवर्ष रामलीला का आयोजन कर भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने का कार्य कर रहा है। कलाकारों और क्लब के सदस्यों का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से परिचित कराना और उसे संस्कारवान बनाना है।

 

क्लब के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों को पटका पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन जॉली कक्कड़ ने किया।

 

रामलीला के मंचन में कैकेयी की भूमिका भारत हुडिया, राजा दशरथ की भूमिका गौरव गांधी, सुमंत की भूमिका युवराज जुनेजा, भगवान श्रीराम की भूमिका अभिनव अनेजा और मंथरा की भूमिका आदित्य कुमार ने निभाई। कलाकारों ने अपने अभिनय से लीला को जीवंत बनाया।

 

आज होगा वनवास प्रसंग का मंचन

 

श्री शिव नाटक क्लब के अध्यक्ष जगदीश सुखीजा ने बताया कि आज रात्रि के मंचन में श्रीराम वनवास, माता कौशल्या और राजा दशरथ से विदाई, राजा गुह से भेंट, राम-सुमंत संवाद तथा राम-केवट संवाद की लीला का मंचन किया जाएगा। उन्होंने सभी रामभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला का अवलोकन करने की अपील की।

Advertisement
Advertisement
Advertisement