*चार सूत्रीय मांगों को लेकर बंगाली समाज की महारैली, हजारों लोग जुटे* *एक माह में समाधान नहीं हुआ तो सचिवालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी*

*चार सूत्रीय मांगों को लेकर बंगाली समाज की महारैली, हजारों लोग जुटे*

*एक माह में समाधान नहीं हुआ तो सचिवालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी*

रुद्रपुर। बंगाली कल्याण समिति के आह्वान पर बंगाली समाज की वर्षों से लंबित चार प्रमुख मांगों के समाधान को लेकर रविवार को किच्छा बाईपास मार्ग स्थित रामलीला मैदान में विशाल महारैली आयोजित की गई। महारैली में रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज, शक्तिफार्म, दिनेशपुर, गूलरभोज, नानकमत्ता, गदरपुर, खटीमा समेत विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ बंगाली समाज के वरिष्ठजनों ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद बांग्ला भाषा एवं संस्कृति पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। समीर राय ने बंगाली कल्याण समिति की स्थापना और उसके संघर्षपूर्ण इतिहास पर प्रकाश डाला। महारैली के संयोजक एवं प्रभारी परिमल राय ने समाज की चार प्रमुख मांगों को विस्तार से रखते हुए कहा कि इनके समाधान के लिए समाज लंबे समय से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहा है।

शंकर चक्रवर्ती ने बांग्ला भाषा में संबोधित करते हुए महारैली के महत्व और समाज की एकजुटता पर विचार रखे। दर्जा राज्य मंत्री उत्तम दत्ता ने मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने का आश्वासन दिया। नवनियुक्त दर्जा राज्य मंत्री संजय बाछाड़ ने कहा कि वह अपने कार्यकाल में बंगाली समाज की मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।

बंगाली कल्याण समिति के अध्यक्ष दिलीप अधिकारी ने कहा कि यदि एक माह के भीतर मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो समिति देहरादून स्थित सचिवालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि समाज की प्रमुख मांगों में विस्थापित बंगाली समाज की संबंधित जातियों को उत्तराखंड में अनुसूचित जाति का दर्जा देना, प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक बांग्ला भाषा में शिक्षा की व्यवस्था करना, शक्तिफार्म समेत अन्य पुनर्वासित क्षेत्रों में लंबित भूमिधरी अधिकार प्रदान करना तथा करीब आठ वर्षों से बंद छात्रवृत्ति एवं सहायता योजनाओं को दोबारा शुरू करना शामिल है।

महारैली को चंद्रशेखर गांगुली, उत्तम आचार्य, तारक बाछाड़, एडवोकेट जीवन राय, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, ममता हालदार, बीकेयूएस अध्यक्ष रवि सरकार, छात्र संघ अध्यक्ष विशाल मंडल, रामचंद्र राय, केपी मंडल और किरण मंडल समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। संचालन शिवपद सरकार एवं प्रताप दत्ता ने किया।

कार्यक्रम के बाद हजारों लोगों ने रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एवं मुख्य विकास अधिकारी को सौंपा। सीडीओ ने ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने का आश्वासन दिया।

महारैली में बंगाली कल्याण समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। विशाल जनसमूह की उपस्थिति ने समाज की एकजुटता और मांगों के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। समिति ने कहा कि मांगों के समाधान तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।

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