*नई दिल्ली: पीएम मोदी ने आधी रात मंत्रियों के साथ की 3 घंटे बैठक मंत्रालयों के परफार्मेंस का आकलन किया, ये कैबिनेट में फेरबदल की आहट*

*नई दिल्ली: पीएम मोदी ने आधी रात मंत्रियों के साथ की 3 घंटे बैठक मंत्रालयों के परफार्मेंस का आकलन किया, ये कैबिनेट में फेरबदल की आहट*

*नई दिल्ली:* मोदी कैबिनेट में फेरबदल की आहट शुरू हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने आधी रात 12 से अधिक केंद्रीय राज्यमंत्रियों के साथ 3 घंटे बैठक की। ये सभी मंत्री स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे हैं। तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली मैराथन बैठक में मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों के कामकाज की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रालयों के परफार्मेंस का आकलन किया। आगामी हफ्तों में राज्य मंत्रियों के साथ और भी बैठकें होंगी। इनको मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल से भी जोड़ा जा रहा है क्योंकि ऐसी बैठकों से PM राज्यमंत्रियों की परफार्मेंस का भी आकलन कर रहे हैं। 
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने टाइम-बाउंड डिलीवरी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं और योजनाओं को तय समय में पूरा किया जाना चाहिए। काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखें। यह भी सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाओं का फायदा लाभार्थियों तक सीधे पहुंचे। वहीं मंत्रियों ने अब तक किए गए सुधारों और नई पहलों के बारे में बताया। उन्होंने अपने मंत्रालय की योजनाओं और काम की प्रगति की भी जानकारी दी। बैठक में सरकार की योजनाओं को जमीन पर तेजी से लागू करने पर जोर दिया गया।
*विकसित भारत 2047 के एजेंडे पर चर्चा:*
बैठक में विकसित भारत 2047 का लक्ष्य भी प्रमुख मुद्दा रहा। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से उनके मंत्रालय के विजन के बारे में पूछा. उन्होंने यह भी जानना चाहा कि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लिए उनके मंत्रालय की क्या योजनाएं हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मंत्रालयों का काम विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर होना चाहिए। हर काम में समय की पाबंदी, गुणवत्ता और पारदर्शिता का ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर मंत्रालयों को अपनी योजनाओं और कामकाज को आगे बढ़ाना चाहिए।
*बैठक में कैबिनेट मंत्री और शीर्ष नौकरशाह शामिल नहीं:*
सूत्रों के मुताबिक, यह इस तरह की पहली बैठक थी। इसमें कैबिनेट मंत्री या शीर्ष नौकरशाह शामिल नहीं हुए। बैठक में स्वतंत्र प्रभार और अलग-अलग मंत्रालयों से जुड़े राज्यमंत्री मौजूद रहे। कृषि, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े राज्यमंत्रियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
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