माध्यमिक शिक्षक संघ के अधिवेशन में तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण का मुद्दा छाया

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माध्यमिक शिक्षक संघ के अधिवेशन में तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण का मुद्दा छाया

देहरादून। उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अधिवेशन के तहत आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण, चयन वेतनमान में तदर्थ सेवा का लाभ जोड़े जाने सहित विभिन्न लंबित मांगें प्रमुख रूप से उठीं। सम्मेलन में मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने संगठन की मांगों के समाधान का भरोसा दिलाया, जबकि राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद और सचिवालय संघ ने भी शिक्षक संघ की मांगों का समर्थन किया।

सुमन नगर स्थित गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए शिक्षक प्रतिनिधियों ने अपने-अपने जिलों की समस्याओं को प्रांतीय कार्यकारिणी के समक्ष रखा।

सम्मेलन में टिहरी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चंपावत, पौड़ी, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के जिला पदाधिकारियों ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को चयन वेतनमान में तदर्थ सेवा का लाभ दिए जाने तथा तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण में हो रही देरी का मुद्दा उठाया।

संघ के प्रांतीय अध्यक्ष मेजर स्वतंत्र कुमार मिश्रा और प्रांतीय महामंत्री डॉ. महावीर बिष्ट ने मुख्य अतिथि को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में 413 तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण, चयन वेतनमान में तदर्थ सेवा का लाभ, अशासकीय विद्यालयों में शासकीय सुविधाओं का विस्तार, प्रभारी प्रधानाचार्यों की पदोन्नति, उपार्जित अवकाशों का नगदीकरण, पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने तथा पीटीए शिक्षकों को अतिथि शिक्षकों के समान मानदेय दिए जाने जैसी मांगें शामिल हैं।

मुख्य अतिथि दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने आश्वासन दिया कि संगठन की मांगों को सरकार और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष रखकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार मिश्रा ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर कई बार शासन-प्रशासन स्तर पर वार्ताएं हुईं, लेकिन उनका अपेक्षित परिणाम नहीं निकल पाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षक हितों की अनदेखी जारी रही तो राज्यभर के शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

सचिवालय संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने शिक्षक संघ को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। वहीं राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडेय ने समस्याओं के समाधान के लिए सचिव स्तर पर शीघ्र वार्ता कराने का भरोसा दिलाया।

सम्मेलन में प्रांतीय संरक्षक डॉ. अनिल शर्मा, शिक्षा प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक प्रदीप त्यागी, प्रदेश उपाध्यक्ष अजय बिष्ट, कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार पुंडीर, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय रावत, प्रांतीय प्रवक्ता कौशलेश गुप्ता सहित विभिन्न जनपदों के शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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