अटरिया मेला हमारी सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीकः विकास शर्मा – महापौर विकास शर्मा ने किया अटरिया मेले का शुभारंभ

Spread the love

अटरिया मेला हमारी सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीकः विकास शर्मा

 

– महापौर विकास शर्मा ने किया अटरिया मेले का शुभारंभ

 

 

रुद्रपुर। अटूट आस्था के प्रतीक प्राचीन अटरिया देवी मंदिर में वार्षिक मेले का महापौर विकास शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण और विशेष पूजा-अर्चना के बीच नारियल फोड़कर और फीता काटकर औपचारिक उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान मंदिर परिसर ‘अटरिया माता की जय’ के उद्घोष से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

 

इस अवसर पर मंदिर कमेटी की ओर से महापौर का भव्य स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। महापौर ने माता के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की और मेले में सजी दुकानों का अवलोकन कर स्थानीय व्यापारियों का उत्साहवर्धन किया।

 

इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने कहा कि अटरिया मेला हमारी प्राचीन सनातन परंपराओं का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने मंदिर के पौराणिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि माता की असीम अनुकंपा से ही यह क्षेत्र आज प्रगति के पथ पर अग्रसर है। महापौर ने कहा कि यह आयोजन महज एक मेला नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का दर्पण है, जो समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सामंजस्य और आपसी प्रेम को बढ़ावा देता है। उन्होंने विशेष रूप से लोकल फॉर वोकल की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि इस मेले से न केवल स्थानीय बल्कि दूर-दराज से आए छोटे कारोबारियों को रोजगार का एक बड़ा मंच मिलता है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी सद्भाव और समरसता की नींव मजबूत करते हैंघ् यह मेला स्थानीय हस्तशिल्पियों और छोटे व्यापारियों के लिए संजीवनी के समान है, जो उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ करता है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की धामी सरकार उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक मेलों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महापौर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को साझा करते हुए कहा कि देवभूमि की पवित्रता और यहां की डेमोग्राफी को सुरक्षित रखना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजक तत्वों और लैंड जिहाद लव जिहार जैसी घिनौनी परंपराओं के विरुद्ध धामी सरकार ने जो कड़े कदम उठाए हैं, वे राज्य की सांस्कृतिक सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित हो रहे हें। नगर निगम भी इसी दिशा में कार्य करते हुए धार्मिक स्थलों के कायाकल्प में जुटा है।

 

उन्होंने कहा कि नगर निगम ने लैंड जिहाद के खिलाफ कड़े एक्शन लिये हैं और धार्मिक स्थलों को भी सजाने संवारने का काम किया जा रहा है। धार्मिक स्थलों को सजाने की शुरूआत उन्होंने अटरिया माता के मंदिर से ही की थी। शहर को एक धार्मिक स्वरूप प्रदान करने के लिए बनाया गया त्रिशूल चौक आज शहर ही नहीं बल्कि यहां बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र बन चुका है। जल्द ही डमरू चौक भी अपनी शोभा बढ़ायेगा। इसके साथ ही शहर की धार्मिक पहचान को और आगे बढ़ाने के लिए गंगापुर रोड पर शिव कॉरिडोर बनाये जाने की कवायद भी शुरू हो गयी है, शिव कॉरिडोर बनने से शहर को एक नई धार्मिक पहचान मिलेगी । महापौर ने कहा कि शहर के धार्मिक स्थलों के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जायेगी।

 

 

उद्घाटन के दौरान महंत ऊषा देवी जी, पंकज गौर जी, राजेश कामरा, भोला सुखीजा, पुरुषोत्तम अरोरा और अरशद खान , कृष्ण लाल सुखीजा, केशव नारंग, खड़क सिंह, ओमप्रकाश, सन्नी, शरद खान, आकाश यादव, छात्र संघ अध्यक्ष रजत सिंह बिष्ट, सहित भारी संख्या में श्रद्धालु और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *