*_कुख्यात गैंगस्टर हरसिमरन को बैंकॉक से डिपोर्ट कर लाया गया भारत, 23 से अधिक गंभीर मामले दर्ज_*

*_कुख्यात गैंगस्टर हरसिमरन को बैंकॉक से डिपोर्ट कर लाया गया भारत, 23 से अधिक गंभीर मामले दर्ज_*

नई दिल्ली: दिल्ली स्पेशल सेल ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान में कुख्यात गैंगस्टर हरसिमरन उर्फ बादल उर्फ सिमरन को थाईलैंड से पकड़कर भारत लाने में सफलता हासिल की है. गैंगस्टर जनवरी 2025 में फर्जी पासपोर्ट पर देश छोड़कर बैंकॉक भाग गया था और वहीं से दुबई व यूरोप के रास्ते इंटरनेशनल नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा था. केंद्रीय एजेंसियों की सक्रिय भूमिका और लंबी कूटनीतिक प्रक्रिया के बाद आरोपी को 26 नवंबर को बैंकॉक में स्थानीय अथॉरिटीज ने हिरासत में लिया और सीधे दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया.

जांच के दौरान सामने आया कि हरसिमरन ने गोरखपुर के पते पर राजेश सिंह नाम से फर्जी पहचान बनाकर पासपोर्ट तैयार कराया था. इसी पासपोर्ट के सहारे वह पहले बैंकॉक गया, फिर वहीं से दुबई और अज़रबैजान के जरिए अमेरिका पहुँचने की कोशिश करता रहा. दो बार यूरोप सीमा पर पकड़े जाने और दुबई से लौटाए जाने के बाद वह दोबारा वीज़ा बढ़ाने के लिए बैंकॉक लौट आया. इसी दौरान दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को उसकी मौजूदगी का सटीक इनपुट मिला.

स्पेशल सेल के डीसीपी अमित कौशिक ने बताया की MEA ने उसका पासपोर्ट निरस्त किया, जिसके बाद बैंकॉक इमिग्रेशन ने उसे रोका और दिल्ली पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए डोजियर के आधार पर तुरंत डिपोर्ट कर दिया. दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत 23 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं और वह 14 ट्रायल में पेश नहीं हो रहा था. विदेश से ही उसने गवाहों को धमकाने और 50 लाख रुपये की वसूली की कोशिश की थी, जिसके बाद उसके खिलाफ नया केस भी दर्ज हुआ.

अधिकारियों के मुताबिक गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों से संपर्क में रहने वाला हरसिमरन विदेश में बेस बनाकर इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क खड़ा करना चाहता था. स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई ने उसकी योजना ध्वस्त कर दी. फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है.

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