*मन की बात प्रेरणा का स्रोत, सीमित संसाधनों से भी राष्ट्रहित में किया जा सकता है कार्य: भारत भूषण चुघ*

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*मन की बात प्रेरणा का स्रोत, सीमित संसाधनों से भी राष्ट्रहित में किया जा सकता है कार्य: भारत भूषण चुघ*

रुद्रपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 136वां एपिसोड रविवार को प्रसारित हुआ। वरिष्ठ भाजपा नेता भारत भूषण चुघ ने वार्ड नंबर-1 के बूथ संख्या-139, शिमला बहादुर में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम को सुना। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देश की विभिन्न उपलब्धियों, जल संरक्षण, पर्यावरण, खेल, संस्कृति और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस के उल्लेख से करते हुए कारगिल युद्ध में वीरगति प्राप्त करने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारतीय जवानों ने विषम परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय देते हुए कारगिल की चोटियों पर तिरंगा फहराया और उनके बलिदान को देश हमेशा याद रखेगा।

उन्होंने ‘कैच द रेन’ अभियान का उल्लेख करते हुए वर्षा जल संरक्षण पर जोर दिया और कहा कि गांवों व कस्बों में तालाबों तथा कुओं के माध्यम से वर्षा जल का संचयन किया जा रहा है। पानी की प्रत्येक बूंद भविष्य की पीढ़ियों के लिए अमूल्य है, इसलिए सभी को इस अभियान से जुड़ना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने खेल जगत में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने पीवी सिंधु की जापान ओपन में जीत और लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक टेस्ट जीत का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी। साथ ही केरल में संस्कृत को खेलों के माध्यम से लोकप्रिय बनाने तथा उत्तर प्रदेश के बिजनौर की महिलाओं द्वारा स्वदेशी हर्बल टी उत्पादन की पहल की भी प्रशंसा की।

उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया और बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया। साथ ही 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर ‘वोकल फॉर लोकल’ के माध्यम से हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।

कार्यक्रम के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता भारत भूषण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सकारात्मक सोच और जनभागीदारी से बड़े परिवर्तन संभव हैं।

इस अवसर पर प्रेमपाल गंगवार, मुकेश गुप्ता, संतोष चौहान, रवि प्रजापति, बॉबी गंगवार, विनोद गंगवार, लेखराज फौजी, सुरेंद्र गंगवार, गजेंद्र पाल, करण पाल, मनोज ठाकुर, वजीर सिंह, श्यामलाल, हीरामन, दीपक सागर, राकेश राय सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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