*_’विकसित भारत के लिए चाहिए बेहतरीन लोक सेवक’: लोक सेवा आयोगों के सम्मेलन में राष्ट्रपति मुर्मू का आह्वान_*
हैदराबादः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार 19 दिसंबर को हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में आयोजित ‘लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन’ के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुईं. इस अवसर पर उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि आयोगों को अपनी चुनौतियों का त्वरित समाधान ढूंढना चाहिए ताकि वे अपने लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल कर सकें.
उन्होंने लोक सेवा आयोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से वे देश के सबसे भरोसेमंद संस्थानों के रूप में खड़े हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उम्मीदवारों की ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए. साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि लोक सेवा आयोगों को जेंडर सेंसिटिविटी (लैंगिक संवेदनशीलता) को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में प्रयास कर रहा है. साथ ही, साल 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भी काम किया जा रहा है. इस समय भारत को बेहतरीन लोक सेवकों की आवश्यकता है. मुझे विश्वास है कि इस सम्मेलन के माध्यम से लोक सेवा आयोग ऐसे व्यक्तियों की नियुक्ति के लिए और भी बेहतर तरीके अपनाएंगे.”
यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने भरोसा जताया कि यह सम्मेलन संविधान और प्रशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य लोक सेवा आयोगों को और अधिक मजबूत बनाना है. उन्होंने सुझाव दिया कि लोक सेवा आयोगों के प्रति जनता का विश्वास बढ़ाना हर किसी की जिम्मेदारी है.
यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने आगे कहा, “हम जल्द ही यूपीएससी के माध्यम से एक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की योजना बना रहे हैं. इससे राज्य लोक सेवा आयोगों की क्षमता बढ़ेगी और उन पर भरोसा भी बढ़ेगा. यह बिना किसी कानूनी अड़चन के भर्ती प्रक्रिया को संपन्न करने में मदद करेगा.”
तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि यह गर्व की बात है कि 26वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन तेलंगाना लोक सेवा आयोग द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने पिछले साल सभी प्रकार की परीक्षाओं को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए तेलंगाना लोक सेवा आयोग की प्रशंसा की.
उन्होंने सुझाव दिया कि नियुक्तियां योग्यता (मेरिट) के आधार पर और एक निर्धारित कैलेंडर के अनुसार होनी चाहिए, जिससे सेवा-भाव रखने वाले व्यक्तियों का चयन किया जा सके. लोक सेवा आयोगों में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए समय पर नोटिफिकेशन जारी करने, परीक्षाएं आयोजित करने और परिणामों को तुरंत घोषित करने जैसे कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए.
इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, राज्य की पंचायत राज मंत्री सीताक्का, यूपीएससी (UPSC) अध्यक्ष अजय कुमार और टीजीपीएससी (TGPSC) अध्यक्ष बुर्गा वेंकटेशम शामिल हुए.
इससे पहले, यूपीएससी अध्यक्ष ने राष्ट्रपति मुर्मू को तेलंगाना के कलाकारों द्वारा निर्मित चांदी की नक्काशी भेंट की. इसके बाद, लोक सेवा आयोगों के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की गई. साथ ही, अलग-अलग राज्यों द्वारा अपनाई गई नीतियों और आपसी सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ.
दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन तेलंगाना लोक सेवा आयोग के तत्वावधान में किया जा रहा है. आज राष्ट्रपति और कल उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं. राचकोंडा के पुलिस कमिश्नर (CP) सुधीर बाबू ने इस पूरे क्षेत्र को ‘नो-फ्लाई’ और ‘नो-ड्रोन ज़ोन’ घोषित किया है.







