*देश में मोबाइल सब्सक्राइबर्स की बढ़ती संख्या में M2M सिम की अहम भूमिका* *14 करोड़ के पार पहुंची मशीन-टू-मशीन सिम की संख्या, स्मार्ट मीटर और 5G एयरफाइबर से बढ़ रहा कनेक्टिविटी का दायरा*

*देश में मोबाइल सब्सक्राइबर्स की बढ़ती संख्या में M2M सिम की अहम भूमिका*

 

*14 करोड़ के पार पहुंची मशीन-टू-मशीन सिम की संख्या, स्मार्ट मीटर और 5G एयरफाइबर से बढ़ रहा कनेक्टिविटी का दायरा*

 

नई दिल्ली। भारत में मोबाइल सब्सक्राइबर्स की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, इस वृद्धि के पीछे केवल स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में इजाफा ही नहीं, बल्कि मशीन-टू-मशीन (M2M) सिम और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) सेवाओं का विस्तार भी प्रमुख कारण बनकर उभरा है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, स्मार्ट मीटर, कनेक्टेड कारों, फास्टैग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले M2M सिम की संख्या 14 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। इस क्षेत्र में एयरटेल सबसे आगे है।

 

देश में डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अब मोबाइल कनेक्टिविटी का दायरा लोगों से आगे बढ़कर विभिन्न उपकरणों और मशीनों तक पहुंच रहा है। स्मार्ट मीटर, वाहनों और अन्य कनेक्टेड डिवाइस में M2M सिम का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा, घरों और कार्यालयों में 5G एयरफाइबर जैसी सेवाओं के विस्तार से फिक्स्ड वायरलेस कनेक्शन की संख्या में भी तेजी आ रही है।

 

आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में देश में 64 लाख से अधिक नए मोबाइल सब्सक्राइबर्स जुड़े। इनमें करीब 87 प्रतिशत नए ग्राहक शहरी क्षेत्रों से रहे। यह आंकड़ा शहरों में दूरसंचार सेवाओं की बढ़ती मांग और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार को दर्शाता है।

 

तकनीक के इस विस्तार से दूरसंचार क्षेत्र में बदलाव की नई तस्वीर सामने आ रही है। अब मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल केवल कॉलिंग और इंटरनेट चलाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्मार्ट उपकरणों, वाहनों और औद्योगिक प्रणालियों को जोड़ने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो गई है। ऐसे में आने वाले समय में M2M सिम और इंटरनेट से जुड़े उपकरण दूरसंचार क्षेत्र की वृद्धि के प्रमुख आधार बन सकते हैं।

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