*रामलीलाएं धर्म, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने की देती हैं प्रेरणा : भारत भूषण चुघ* *रमपुरा में रामलीला मंचन के दौरान ताड़का वध की लीला का हुआ सुंदर मंचन*

*रामलीलाएं धर्म, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने की देती हैं प्रेरणा : भारत भूषण चुघ*

 

*रमपुरा में रामलीला मंचन के दौरान ताड़का वध की लीला का हुआ सुंदर मंचन*

 

रुद्रपुर। वार्ड नंबर 23 स्थित रमपुरा में श्री राम हनुमान देवी जागरण मंडल की ओर से आयोजित रामलीला में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी भारत भूषण चुघ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि रामलीलाएं धर्म, सत्य, प्रेम और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। रामायण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी आध्यात्म और सच्चाई के रास्ते पर चलकर एक सुंदर राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकती है।

 

रामलीला में वृंदावन की प्रसिद्ध श्री राधा रसिक बिहारी लीला संस्थान के कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया। रात्रि में आयोजित लीला के दौरान कलाकारों ने ताड़का वध का मनमोहक मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

मुख्य अतिथि भारत भूषण चुघ ने कहा कि देशभर में रामलीलाओं का मंचन किया जाता है, जिनके माध्यम से असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है। उन्होंने कहा कि तीनों लोकों का स्वामी होने के बावजूद रावण ने माता सीता का हरण कर अपने विनाश का मार्ग स्वयं प्रशस्त किया। अंततः प्रभु श्रीराम ने अपनी वानर सेना के सहयोग से रावण का अंत कर अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित की।

 

चुघ ने कहा कि मनुष्य को अपनी शक्ति, सामर्थ्य और ताकत का कभी दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के पास ये क्षमताएं हैं, तो उसे उनका उपयोग समाज की भलाई और जनकल्याण के लिए करना चाहिए। इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और लोग सत्य एवं सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होंगे।

 

इस अवसर पर मंडल संरक्षक कैलाश अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, नत्थू लाल गुप्ता, विजय गुप्ता, अर्जुन सिंह, अध्यक्ष विनोद वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन शर्मा, महामंत्री रवि गुप्ता, कोषाध्यक्ष राम किशोर रस्तोगी, अजय श्रीवास्तव, जगदीश कुमार, राजेश गुप्ता, रामकुमार शर्मा, कमल सैनी, मनोज शुक्ला, गिरीश श्रीवास्तव, संतोष दिवाकर, सतीश अरोड़ा, धर्मवीर प्रजापति, ओपी आर्य, हृदय नारायण चौहान, राजेश हालदार, विष्णु दत्त, बाबू शुक्ला, सुशील आर्य, धर्मपाल सिंह, राजेश चंद्र, रवि भारती, तुलसी गुप्ता, विनय शर्मा, श्याम पाल, बंटी कुमार और नीलकंठ राणा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

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