*अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी उत्तराखंड के गौरव और स्वाभिमान पर हमला: राजेश शुक्ला*
*भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर साधा निशाना, राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर पार्टी के रुख पर उठाए सवाल*
रुद्रपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। मंगलवार को भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एवं किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि अजीत डोभाल पर की गई टिप्पणी उत्तराखंड के गौरव, स्वाभिमान और जनभावनाओं को आहत करने वाली है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के प्रति राजनीतिक विरोध के नाम पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
राजेश शुक्ला ने कहा कि अजीत डोभाल ने अपना जीवन देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित किया है। उनकी पहचान किसी राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि दशकों की सेवा और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान से बनी है। उत्तराखंड की धरती ने देश को अनेक वीर सपूत दिए हैं और अजीत डोभाल भी उनमें से एक हैं। उनका जीवन प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस इतनी बेचैन क्यों है? शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तित्वों के प्रति भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रसेवा में योगदान देने वाले लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से मांगा स्पष्टीकरण
शुक्ला ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष से इस मामले में पार्टी का रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी की टिप्पणी कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष है? यदि पार्टी नेतृत्व इस बयान से सहमत है तो उसे स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह उत्तराखंड के गौरव और राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के प्रति ऐसी भाषा का समर्थन करता है।
जनरल बिपिन रावत का भी किया उल्लेख
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने उत्तराखंड के पूर्व सेना प्रमुख स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत का उल्लेख करते हुए कहा कि जनरल रावत और अजीत डोभाल दोनों प्रदेश का गौरव हैं। एक ने भारतीय सेना का नेतृत्व किया, जबकि दूसरे ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शुक्ला ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने जनरल बिपिन रावत के लिए कथित तौर पर ‘सड़क का गुंडा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल को लेकर की गई टिप्पणी भी कांग्रेस की राजनीतिक सोच पर सवाल खड़े करती है। राष्ट्र की रक्षा और सुरक्षा के लिए समर्पित व्यक्तित्वों के योगदान को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा
शुक्ला ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक, गलवान घाटी की घटना और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस का विषय बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियानों के बाद कार्रवाई के प्रमाण और परिणाम को लेकर सवाल उठाने से सेना के पराक्रम और मनोबल पर अनावश्यक बहस खड़ी होती है।
उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की कार्रवाई के संदर्भ में कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई। शुक्ला ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। देश की सुरक्षा और सैन्य बलों के सम्मान को राजनीतिक विरोध से ऊपर रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अजीत डोभाल जैसे अनुभवी सुरक्षा विशेषज्ञ की भूमिका देश के लिए महत्वपूर्ण है और उत्तराखंड के लिए भी गर्व का विषय है कि प्रदेश ने ऐसे व्यक्तित्व को जन्म दिया है।
शुक्ला ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी सैन्य परंपरा, राष्ट्रभक्ति और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों से है। जनरल बिपिन रावत और अजीत डोभाल जैसे व्यक्तित्व इस परंपरा के प्रतीक हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से राहुल गांधी की टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देने की मांग करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान राजनीतिक विवादों से ऊपर होना चाहिए।
ये रहे मौजूद: प्रेस वार्ता में जिला महामंत्री तरुण दत्ता, जिला मीडिया संयोजक विजय तोमर, जिला प्रकोष्ठ संयोजक राजेश तिवारी, मंडल अध्यक्ष मुकेश पाल एवं मयंक तिवारी, कार्यालय मंत्री मोर सिंह, सुरेंद्र चौधरी और संजीव खन्ना सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।


