*हिंदुओं को धमकाने की भाषा बर्दाश्त नहीं होगी: शिव अरोरा*
*विधायक बोले—कानून के दायरे में रहकर करें बात, माहौल बिगाड़ने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई*
रुद्रपुर। हिंदू समाज को कथित तौर पर धमकाने और भय का माहौल पैदा करने वालों के खिलाफ रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को डराने-धमकाने का दौर अब नहीं चलेगा। उन्होंने प्रशासन से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि हिंदू समाज शांतिप्रिय है और उसकी शालीनता को कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति, संगठन या समूह को धार्मिक भावनाएं भड़काने अथवा समाज में भय का वातावरण पैदा करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल में उलेमा की ओर से दिए गए बयानों को रुद्रपुर का शांतिपूर्ण माहौल स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर विवाद खड़ा कर सामाजिक माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि में धमकी और दबंगई की भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विवाद का समाधान संविधान और कानून के दायरे में ही होना चाहिए।
शिव अरोरा ने कहा कि यदि किसी को लगता है कि धमकी देकर हिंदू समाज को पीछे हटाया जा सकता है, तो यह उसकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि समाज कानून और संविधान का सम्मान करता है, लेकिन अन्याय, अपमान और धमकी के सामने चुप नहीं बैठेगा।
अवैध मदरसों को लेकर भी साधा निशाना
विधायक ने अवैध मदरसों के मुद्दे पर भी विपक्षी दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई होने पर कुछ लोगों को आपत्ति क्यों होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अवैध संस्थानों की आड़ में कट्टरपंथी गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई कानून और जांच के आधार पर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार उत्तराखंड के हित में लगातार निर्णय ले रही है और कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में ऐसी किसी भी गतिविधि को पनपने नहीं दिया जाएगा, जिससे सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित हो।
विधायक ने कहा कि रुद्रपुर की शांति और भाईचारा सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी समुदाय के खिलाफ धमकी, भड़काऊ बयानबाजी या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।











