*दुष्यंत गौतम के संगठनात्मक बदलाव पर कांग्रेस ने उठाए सवाल*
*दुष्यंत गौतम के संगठनात्मक बदलाव पर कांग्रेस ने उठाए सवाल* *डॉ. गणेश उपाध्याय बोले- भाजपा जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करे*
*डॉ. गणेश उपाध्याय बोले- भाजपा जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करे*
रुद्रपुर। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गौतम लंबे समय तक उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे। मार्च 2026 तक भाजपा के विभिन्न आधिकारिक संगठनात्मक कार्यक्रमों में भी उन्हें प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में प्रस्तुत किया जाता रहा।
डॉ. उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विवाद में दुष्यंत गौतम का नाम कथित तौर पर सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में कई सवाल उठे थे। उन्होंने कहा कि अब भाजपा की नई केंद्रीय टीम में गौतम को स्थान नहीं मिलने को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हुई हैं। यह सामान्य संगठनात्मक फेरबदल है या इसके पीछे कोई अन्य राजनीतिक परिस्थिति, भाजपा नेतृत्व को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दुष्यंत गौतम के स्वागत समारोह के दौरान जिस तरह शहर में बड़े-बड़े होल्डिंग लगाए गए और भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया, वह चर्चा का विषय रहा। इसके बाद संगठन में हुए बदलाव को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब भाजपा को जनता के सामने देना चाहिए।
अंकिता प्रकरण पर स्पष्टता की मांग
डॉ. उपाध्याय ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण उत्तराखंड की जनता की भावनाओं से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। इसलिए इससे जुड़े किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम पर उठने वाले सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौतम को पहले उत्तराखंड प्रभारी पद से हटाया गया और अब नई राष्ट्रीय टीम में भी उन्हें स्थान नहीं मिला है। यदि भाजपा इसे सामान्य संगठनात्मक बदलाव मानती है तो उसे इसकी वजह स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति को बिना प्रमाण दोषी ठहराने के पक्ष में नहीं है, लेकिन अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े राजनीतिक सवालों का जवाब मिलना जरूरी है। अंकिता को न्याय और उनके परिवार को सम्मान दिलाना पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी है।
भाजपा नेतृत्व से पूछे तीन सवाल
डॉ. उपाध्याय ने भाजपा नेतृत्व से पूछा कि दुष्यंत गौतम को उत्तराखंड प्रभारी पद से हटाने की वास्तविक वजह क्या थी? नई राष्ट्रीय टीम में उन्हें स्थान क्यों नहीं दिया गया? क्या यह केवल सामान्य संगठनात्मक फेरबदल है या अंकिता भंडारी प्रकरण से उठे राजनीतिक विवाद का भी कोई प्रभाव रहा?
उन्होंने कहा कि भाजपा को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। केवल संगठनात्मक बदलाव को सामान्य बताने से जनता के मन में उठ रहे सवाल खत्म नहीं होंगे। उत्तराखंड की जनता राजनीतिक बयानबाजी के बजाय स्पष्ट जवाब चाहती है।
डॉ. उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस अंकिता भंडारी को न्याय, प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही के मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी। भाजपा संगठन के भीतर क्या चल रहा है, यह उसका आंतरिक विषय हो सकता है, लेकिन जब उसके फैसलों को लेकर जनता के बीच सवाल उठते हैं तो स्थिति स्पष्ट करना भाजपा की जिम्मेदारी है।


