*2027 की जीत के लिए बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करेगी भाजपा* *विकास, सुशासन, राष्ट्रवाद और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को बनाया चुनावी मुद्दा; कार्यसमिति में दो राजनीतिक प्रस्ताव पारित*

*2027 की जीत के लिए बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करेगी भाजपा*

*विकास, सुशासन, राष्ट्रवाद और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को बनाया चुनावी मुद्दा; कार्यसमिति में दो राजनीतिक प्रस्ताव पारित*
हल्द्वानी, 9 सितंबर। भाजपा की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव-2027 को लेकर संगठन और चुनावी रणनीति पर गहन मंथन किया गया। पार्टी ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के साथ केंद्र व राज्य सरकार की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक में विकास, राष्ट्रवाद, सुशासन, जनकल्याण और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को प्रमुख मुद्दों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने तथा हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़े कथित शुद्धीकरण विवाद को लेकर दो राजनीतिक प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, प्रदेश सरकार के मंत्री, पार्टी पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, महामंत्री तथा विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों ने ध्वजारोहण किया।
बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
नितिन नवीन ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के साथ ही रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर समेत अन्य दलित नेताओं के सम्मान को लेकर केंद्र सरकार के कार्यों का उल्लेख किया।
उत्तराखंड के विकास को चुनावी मुद्दा बनाने पर जोर
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तराखंड में सड़क, बिजली, पानी और संपर्क सुविधाओं के विस्तार को सरकार की उपलब्धियों के रूप में सामने रखा। चारधाम सड़क परियोजना और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे समेत विभिन्न विकास कार्यों का भी उन्होंने उल्लेख किया। पार्टी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता और बढ़ाई जाएगी।
रामलीला मैदान विवाद पर कांग्रेस पर निशाना
कार्यसमिति में पारित दूसरे राजनीतिक प्रस्ताव में हल्द्वानी के रामलीला मैदान से जुड़े कथित शुद्धीकरण विवाद को लेकर कांग्रेस के रुख की आलोचना की गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग देकर सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने सामाजिक समरसता बनाए रखने और जातिगत भेदभाव के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
UCC और सख्त भू-कानून को बताया उपलब्धि
कार्यसमिति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार की समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त भू-कानून, अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसलों को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रखा गया। कार्यकर्ताओं से सरकार के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
बैठक के माध्यम से भाजपा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में वर्ष 2027 में दोबारा सरकार बनाने का संकल्प दोहराते हुए संगठन और चुनावी तैयारियों को और तेज करने का संदेश दिया।
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