*सोमेश्वर महोत्सव सीजन-4 में बिखरेगा पहाड़ी लोक संस्कृति का रंग* *30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होगा तीन दिवसीय आयोजन, लोक गायकों की प्रस्तुतियां और नृत्य प्रतियोगिता बनेगी आकर्षण*

*सोमेश्वर महोत्सव सीजन-4 में बिखरेगा पहाड़ी लोक संस्कृति का रंग*

*30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होगा तीन दिवसीय आयोजन, लोक गायकों की प्रस्तुतियां और नृत्य प्रतियोगिता बनेगी आकर्षण*
सोमेश्वर। पहाड़ी लोक संस्कृति, संगीत और पारंपरिक कला को संरक्षण एवं बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहाड़ी स्वैग सांस्कृतिक कला मंच पंजीकृत टीम की ओर से तीन दिवसीय ‘सोमेश्वर महोत्सव सीजन-4’ का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव 30, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को भारतीय स्टेट बैंक रोड स्थित उत्तराखंड स्टेडियम, सोमेश्वर में आयोजित होगा। आयोजन को लेकर क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है।
महोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं की रंगारंग झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में लोकगीत गायन, विद्यालयी बच्चों की नृत्य प्रतियोगिता तथा स्थानीय कलाकारों की ओर से झोड़ा-चांचरी समेत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। आयोजकों के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है।
तीन दिवसीय महोत्सव में उत्तराखंड के कई चर्चित लोक गायक-गायिकाएं अपनी प्रस्तुतियां देंगे। फौजी ललित मोहन जोशी, गजेंद्र राणा, दर्शन फर्स्वाण, इंदर आर्या, खुशी जोशी, जितेंद्र टम्टा, राकेश खनवाल, प्रेम बिष्ट, गोपाल गुसाईं, नीमा भंडारी, लक्ष्मी रावत और रितु लोहिया समेत कई कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
कार्यक्रम का मंच संचालन शिबू रावत और आयुषी जुयाल करेंगी। महोत्सव को सफल बनाने के लिए पहाड़ी स्वैग सांस्कृतिक कला मंच की पूरी टीम तैयारियों में जुटी है। महोत्सव के संरक्षक विजय सिंह भंडारी, अध्यक्ष नीमा भंडारी और उपाध्यक्ष गोपाल गुसाईं हैं। आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर पदाधिकारी लगातार तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से परिवार और मित्रों के साथ अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन महज मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने का प्रयास है।
महोत्सव प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित होगा। तीन दिनों तक सोमेश्वर में लोकगीत, लोकनृत्य और पहाड़ी संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक माहौल बने रहने की उम्मीद है।