गुलाम कश्मीर में उबाल, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान घिरा
नई दिल्ली/मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद क्षेत्र में व्यापक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जिनके दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत तथा बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मृतकों की संख्या 30 से अधिक बताई जा रही है, जबकि करीब 200 लोग घायल हुए हैं। �
Reuters +1
रावलकोट और मुजफ्फराबाद समेत कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने राजनीतिक अधिकारों, महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और संसाधनों के कथित शोषण जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन छेड़ रखा है। जेएएसी लंबे समय से इन मांगों को उठाता रहा है। �
AP News +1
विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं तथा अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। आंदोलन से जुड़े नेताओं का आरोप है कि संचार सेवाएं बंद कर लोगों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। �
Reuters +1
इस बीच भारत ने पीओके में कथित पुलिस बर्बरता और मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंता जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पीओके में कई प्रदर्शनकारियों के मारे जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबरें चिंताजनक हैं तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को उसके कथित अत्याचारों और मानवाधिकार हनन के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। �
The Economic Times
उधर, विदेशों में रह रहे कश्मीरी समुदाय ने भी स्थिति पर चिंता व्यक्त की है और विभिन्न देशों में एकजुटता प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी क्षेत्र में बढ़ती हिंसा और सख्त कार्रवाई पर चिंता जताते हुए संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया है। �
Reuters +1
बढ़ती हिंसा, इंटरनेट बंदी और राजनीतिक अस्थिरता के बीच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है तथा पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है। �
@theweek +1







