टांडा जंगल में भीषण सड़क हादसा: स्कूटी-कार भिड़ंत में तीन दोस्तों की मौत
मोबाइल लेने देर रात निकले थे युवक, आमने-सामने की टक्कर में गई जान; हादसों से लोगों में आक्रोश
रुद्रपुर। हल्द्वानी मार्ग स्थित टांडा जंगल में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। स्कूटी और तेज रफ्तार कार की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, जसपुर के महुवाखेड़ा मजरा निवासी 20 वर्षीय अनिकेत, जो नोएडा की एक निजी कंपनी में कार्यरत था, अपने मित्रों के साथ हल्द्वानी में एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। वह सुबह रुद्रपुर पहुंचा और अपने दोस्त आकाश (24), निवासी रामपुर (उत्तर प्रदेश), के पंतनगर स्थित कमरे पर गया। आकाश एक निजी मोटर कंपनी में कार्यरत था।
शाम को दोनों ने अपने तीसरे मित्र रोहन (22), निवासी बगड़ी रुड़की (हरिद्वार), को साथ लिया और तीनों स्कूटी से हल्द्वानी शादी समारोह में पहुंचे। देर रात समारोह से लौटकर पंतनगर पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनका एक मोबाइल फोन हल्द्वानी में छूट गया है। इसके बाद तीनों दोस्त रात करीब 12 बजे दोबारा स्कूटी से हल्द्वानी के लिए निकल पड़े।
बताया जा रहा है कि जैसे ही वे संजय नगर से करीब दो किलोमीटर आगे टांडा जंगल क्षेत्र में पहुंचे, सामने से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार से उनकी स्कूटी की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, यह हादसा आमने-सामने की टक्कर के कारण हुआ। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार के एयरबैग खुल गए और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि टांडा जंगल क्षेत्र में देर रात तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण नहीं है और पुलिस गश्त भी पर्याप्त नहीं होती। लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्थित पुलिस चौकी सक्रिय भूमिका निभाने के बजाय केवल औपचारिकता तक सीमित है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात्रिकालीन पेट्रोलिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







