*ईरान में सत्ता संकट गहराया, पहलवी ने विद्रोह का आह्वान किया*

*ईरान में सत्ता संकट गहराया, पहलवी ने विद्रोह का आह्वान किया*

 

10 जनवरी 2026 को ईरान भर में हालात अराजक बने हुए हैं। तेहरान, मशहद और तबरीज़ की सड़कों पर भारी भीड़ लगातार जारी विद्रोह में उमड़ पड़ी है।

प्रदर्शनकारी क्रांति-पूर्व के शेर और सूरज वाले झंडे लहरा रहे हैं। वे सरकारी प्रतीकों और इमारतों को आग के हवाले कर रहे हैं, जिनमें सरकारी प्रसारण संस्थानों और पुलिस चौकियां भी शामिल हैं। भीड़ में “यह आख़िरी लड़ाई है, पहलवी लौटेगा”, “रेज़ा पहलवी वापस आ रहे हैं”, “शाह ज़िंदाबाद” और “तानाशाह मुर्दाबाद” जैसे नारे गूंज रहे हैं।

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट 24 घंटे से ज़्यादा हो चुका है। सीमित कनेक्टिविटी केवल प्रतिबंधित नेटवर्क या स्टारलिंक जैसे साधनों के ज़रिये ही संभव है।

सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अशांति के लिए “विदेशी साज़िशों” और “तोड़फोड़ करने वालों” को ज़िम्मेदार ठहराया है। वहीं सुरक्षा बल पेलेट गन, आंसू गैस, ज़िंदा गोलियां और सीधे फायर का इस्तेमाल कर रहे हैं, और प्रदर्शनकारियों को वैन में घसीटकर ले जाया जा रहा है।

अनौपचारिक मृतक संख्या: विरोध प्रदर्शन तेज़ होने के बाद से अब तक कम से कम 51 से 62 लोगों के मारे जाने की खबर है, जिनमें बच्चे और नाबालिग भी शामिल हैं। इससे पहले के दिनों में भी दर्जनों मौतों की पुष्टि हो चुकी है।

देशभर में अब 100 से 145 से ज़्यादा स्थानों पर विरोध प्रदर्शन की खबर है। आंदोलन अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, बाज़ारों में हड़ताल, विश्वविद्यालयों के बंद होने और टकराव के और तेज़ होने के संकेत मिल रहे हैं।

इस बीच रेज़ा पहलवी लगातार ज़्यादा से ज़्यादा लोगों से सड़कों पर उतरने और आंदोलन को जारी रखने की अपील कर रहे हैं।

Advertisement
Advertisement
Advertisement